इस्लामाबाद4 घंटे पहले
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खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में हुए आत्मघाती हमले की तस्वीर।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में मस्जिद के पास पुलिस परिसर पर हुए आत्मघाती हमले में मरने वालों की संख्या 31 हो गई है। मृतकों में 16 पुलिसकर्मी शामिल हैं। हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हमला शुक्रवार दोपहर हुआ। उस समय पुलिसकर्मी और उनके परिवार के लोग मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे। आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी कार लेकर पहुंचे थे और कार मस्जिद की दीवार से टकराकर धमाका कर दिया था।

कोहाट पुलिस लाइन में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़, आईजी के हाथ में चोट लगी।
पुलिस और हमलावरों के बीच गोलीबारी हुई
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, कुछ हमलावर अभी भी परिसर की स्पेशल ब्रांच की इमारत में छिपे हुए हैं। पुलिस और उनके बीच रात में गोलीबारी भी हुई।
फिलहाल यह नहीं बताया गया कि कितने हमलावरों ने हमला किया था। शुक्रवार को 6 आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी।
धमाके से मस्जिद और दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचा
तेज धमाके से मस्जिद और परिसर की दूसरी इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है। मस्जिद की दीवारें गिर गईं थी और कुछ लोग मलबे में दब गए थे। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में बड़ी संख्या में ईंट-पत्थर और टूटी हुई दीवारें दिखाई दीं।

हमले के बाद कोहाट-हंगू रोड को बंद कर दिया गया था।
पुलिस मुख्यालय में कई अहम विभागों के दफ्तर
जहां हमला हुआ वह कोई सामान्य पुलिस चौकी नहीं थी। कोहाट का ओल्ड पुलिस लाइंस परिसर जिला स्तर का बड़ा पुलिस मुख्यालय है।
यहां आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने वाला काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD), स्पेशल ब्रांच और पुलिस की दूसरी इकाइयों के दफ्तर हैं। यही वजह है कि हमलावरों ने पुलिस परिसर को निशाना बनाया।
हमले की जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग दावा
हमले के बाद इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान नाम के संगठन ने इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। यह संगठन हाफिज गुल बहादुर से जुड़े गुट के नेतृत्व वाला बताया जा रहा है।
शुरुआती रिपोर्टों में एक अन्य संगठन की ओर से भी जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। इसलिए हमले के पीछे किस गुट की भूमिका थी, इसे लेकर अभी अलग-अलग दावे हैं।
पाकिस्तान के अधिकारियों ने बढ़ रहे आतंकी हमलों के लिए अफगानिस्तान से सक्रिय आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अफगान की तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
पाकिस्तान में इस साल 990 आतंकी हमले हुए
पाकिस्तान में इस साल आतंकी घटनाओं में तेजी आई है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 तक पूरे पाकिस्तान में 990 मिलिटेंट हमले दर्ज किए गए। इनमें 1126 लोगों की जान चली गई।
अगस्त में सबसे ज्यादा 199, जबकि जुलाई में 144 हमले दर्ज किए गए थे। यानी एक महीने में 38% बढ़ोतरी। इनमें अगस्त में 158 लोगों की मौत हुई, जबकि जुलाई में हमलों से जुड़ी 268 मौतें दर्ज की गई थीं।

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर
- ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक, बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था।
- 2025 में TTP के हमले 90% बढ़े, जबकि बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
- रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देशभर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं।
- रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं।
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