औरंगाबाद जिले में अपराध की स्थिति, अपराध नियंत्रण, आपराधिक कांडों के उद्भेदन और शांतिपूर्ण विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने पुलिस कार्यालय के सभागार में अपराध समीक्षा बैठक की। जिसमें सभी डीएसपी, एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी शामिल हुए। एसपी ने कहा कि पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहें और आम लोगों के बीच विश्वास कायम करें। गश्ती के दौरान अपराधियों और वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। निर्देश दिया कि पुलिस की सक्रियता से अपराधियों में भय पैदा होना चाहिए। सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्र के बैंक, एटीएम और सीएसपी केंद्रों के आसपास नियमित रूप से गश्त करने और कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही रात के समय संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के लिए कहा है। घटना सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचने को कहा घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्षों को तत्काल नियंत्रण कक्ष को जानकारी देते हुए घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया। थानों में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय पर कार्रवाई होनी चाहिए। फर्द बयान प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने और प्राथमिकी दर्ज होने के 30 मिनट के भीतर अनुसंधानकर्ता को घटनास्थल का निरीक्षण कर अनुसंधान शुरू करने का निर्देश दिया गया। वहीं प्राथमिकी दर्ज होने के सात दिनों के भीतर पर्यवेक्षी पदाधिकारी को कांड का पर्यवेक्षण करने को कहा गया।
चोरी, वारंट और गंभीर कांडों के त्वरित निष्पादन पर निर्देश अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने वाहन चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में बाइक चोरों और अन्य वाहन चोरों के खिलाफ योजना बनाकर छापेमारी करने को कहा गया। सभी थानाध्यक्षों को गुंडा पंजी में दर्ज व्यक्तियों का एक सप्ताह के भीतर सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। लंबित जमानतीय और अजमानतीय वारंट, कुर्की और इश्तेहार का एक सप्ताह के अंदर निष्पादन करने पर भी विशेष जोर दिया गया। हत्या, लूट, डकैती और पॉक्सो समेत गंभीर मामलों में अनुसंधान के दौरान साक्ष्य संकलन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी पुलिस पदाधिकारियों को दी गई। पुलिस पर हमला और सांप्रदायिक दंगा जैसे मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अंचल पुलिस निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र के कांडों की नियमित समीक्षा कर त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने और अंतिम आदेश निर्गत करने को कहा गया। SC/ST कांडों में मुआवजा प्रस्ताव से संबंधित रिपोर्ट समय पर समर्पित करने का निर्देश भी दिया गया। शराबबंदी कानून के पालन और सड़क दुर्घटनाओं पर भी फोकस क्राइम मीटिंग में बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विशेष चर्चा हुई। शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए शराब के निर्माण, परिवहन और भंडारण के संबंध में गहनता से जांच करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा शराब तस्करी से जुड़े मामलों में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों को शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में समय पर iRaI/e-DAR पोर्टल पर आवश्यक विवरण अपलोड करने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधिकारियों को दुर्घटना से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड और संबंधित जानकारी को समय पर दर्ज करने को कहा गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और थानाध्यक्षों को अवैध शराब के उत्पादन, परिवहन और भंडारण पर रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। साथ ही 7 साल की सजा वाले कांडों में घटनास्थल की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और गवाहों की रिकॉर्डिंग समेत साक्ष्यों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
भूमि विवाद के मामलों के समाधान के लिए भी थानाध्यक्षों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। निर्देश दिया गया कि प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाली भूमि-विवाद बैठक में स्वयं भाग लें।
दुर्गापूजा को लेकर थानाध्यक्षों को विशेष सतर्कता का निर्देश आगामी दुर्गापूजा को लेकर जिले के सभी थानाध्यक्षों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। पूजा के दौरान भीड़, जुलूस, पूजा पंडाल और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस को पहले से तैयारी करने को कहा गया। अधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और समय पर हस्तक्षेप जरूरी है। बैंक, एटीएम, सीएसपी और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की आवश्यकता है। क्राइम मीटिंग में लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, वारंटों के निष्पादन, गंभीर अपराधों में साक्ष्य संकलन और शराबबंदी कानून के प्रभावी अनुपालन को लेकर लक्ष्य निर्धारित किए गए।
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