Saturday, October 24, 2026
Homeराज्यराजस्तानरेसटा प्रदेशाध्यक्ष बोले- स्टूडेंट्स के लिए किताबी ज्ञान काफी नहीं: बच्चों...

रेसटा प्रदेशाध्यक्ष बोले- स्टूडेंट्स के लिए किताबी ज्ञान काफी नहीं: बच्चों को सामाजिक जिम्मेदारियों के किए जागरूक बनाना भी जरूरी – Tonk News



स्टूडेंट्स में उपभोक्ता अधिकारों, जागरूकता और जिम्मेदार खरीदारी की समझ विकसित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से ‘जागो ग्राहक जागो क्विज-2026’ आयोजित किया जा रहा है। इस ऑनलाइन क्विज में स्टूडेंस्ट की अधिकाधिक भागीदारी सुन

.

निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव के 14 अक्टूबर 2026 के पत्र और भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग के 5 अक्टूबर 2026 के पत्र के क्रम में प्रदेशभर के विद्यालयों में इस अभियान का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। संभागीय संयुक्त निदेशकों को अपने क्षेत्राधिकार के सभी विद्यालयों तक निर्देश पहुंचाने और विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्विज में पंजीकरण कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है।

घर बैठे ऑनलाइन क्विज में ले सकेंगे भाग

इस क्विज के माध्यम से स्टूडेंट्स को उपभोक्ता जागरूकता के महत्व को समझने और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनने का अवसर मिलेगा। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित लिंक के माध्यम से ऑनलाइन क्विज में भाग ले सकते हैं।

क्विज का लिंक: https://quiz.mygov.in/quiz/jago-grahak-jago-quiz-2026/

विद्यार्थियों को जागरूक बनाना समय की जरूरत: सलावद

शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना भी जरूरी है। ‘जागो ग्राहक जागो क्विज-2026’ विद्यार्थियों में उपभोक्ता अधिकारों की समझ विकसित करने की उपयोगी पहल है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में ऑनलाइन खरीदारी, भ्रामक विज्ञापनों और उपभोक्ता धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए बच्चों को जागरूक उपभोक्ता बनाना जरूरी है। सलावद ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों, स्कूलों के संस्था प्रधानों और शिक्षकों से क्विज का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने और विद्यार्थियों को 30 अक्टूबर से पहले पंजीकरण कर भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि स्कूल में ऐसी गतिविधियों से स्टूडेंट्स में जागरूकता, तार्किक सोच और व्यावहारिक ज्ञान का विकास होता है। ऐसे अभियान शिक्षा को जीवनोपयोगी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments