दरभंगा में स्वास्थ्य विभाग ने बिना वैध लाइसेंस संचालित किए जा रहे एक निजी क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई की है। बेंता थाना क्षेत्र के अस्पताल रोड स्थित डॉ. नक्की की क्लीनिक को दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर तत्काल सील कर दिया गया। क्लीनिक के बाहर न्यूरो सर्जन लिखा हुआ था, लेकिन जांच के दौरान डॉक्टर अपनी डिग्री और प्रमाणपत्र टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके। अब स्वास्थ्य विभाग उनके प्रमाणपत्रों की जांच करेगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि अस्पताल रोड में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम के साथ वहां छापेमारी की गई। जांच के दौरान क्लीनिक में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों की पड़ताल की गई। साथ ही डॉक्टर के प्रमाणपत्रों की जांच की गई। प्रमाणपत्र देखने के दौरान संदेह होने पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन मौके पर कोई प्रमाणपत्र नहीं दिखाया गया। इसके बाद क्लिनिक को तत्काल सील कर दिया गया। बिना लाइसेंस चल रहा था क्लीनिक सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में अस्पताल या क्लीनिक संचालित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाइसेंस लेना आवश्यक है। प्रारंभिक जांच में संबंधित क्लीनिक का लाइसेंस भी सामने नहीं आया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टर की शैक्षणिक योग्यता और विशेषज्ञता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद ही निकाला जाएगा। डॉक्टर को अपने प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि संबंधित डॉक्टर के पास वैध डिग्री और आवश्यक दस्तावेज हैं, तो उन्हें नियमानुसार लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन के अनुसार, क्लिनिक संचालक पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की जाएगी। अवैध अस्पतालों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी का स्पष्ट निर्देश है कि जिले में कहीं भी बिना लाइसेंस अस्पताल या क्लीनिक संचालित होने या फर्जी डॉक्टरों के इलाज करने की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाए। इसी निर्देश के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले के विभिन्न प्रखंडों, ग्रामीण इलाकों और अन्य क्षेत्रों में जांच अभियान चला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल रोड स्थित क्लीनिक को फिलहाल पूरी तरह सील कर दिया गया है। डॉक्टर की डिग्री, प्रमाणपत्र और क्लिनिक के लाइसेंस की जांच के बाद ही मामले में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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