Moong Dal Halwa Recipe: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही घरों में गरमागरम खाने की चीजें बनने लगती हैं. इस मौसम में गाजर का हलवा, गोंद के लड्डू और तिल की मिठाइयों के साथ मूंग दाल का हलवा भी खूब पसंद किया जाता है. शादी-ब्याह हो या कोई खास मौका, मिठाई के काउंटर पर मूंग दाल का हलवा देखते ही इसे खाने का मन करने लगता है. इसका दानेदार स्वाद, देसी घी की खुशबू और ऊपर से डाले गए मेवे इसे और भी खास बना देते हैं. हालांकि, बहुत से लोग सोचते हैं कि मूंग दाल का हलवा घर पर बनाना काफी मुश्किल है. खासकर दाल को सही तरीके से भूनना और हलवे को हलवाई जैसा दानेदार बनाना आसान नहीं लगता. लेकिन अगर कुछ छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो इसे घर पर भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इसके लिए आपको पीली मूंग दाल, देसी घी, दूध, चीनी और कुछ सूखे मेवों की जरूरत होगी.
इस रेसिपी में सबसे जरूरी काम दाल को धीमी आंच पर अच्छी तरह भूनना है. अगर दाल सही तरीके से भुन जाए, तो हलवे में अच्छी खुशबू और स्वाद आता है. ऐसे में अगर आप भी सर्दियों में परिवार के लिए कुछ मीठा बनाने की सोच रहे हैं, तो इस बार मूंग दाल का हलवा ट्राई कर सकते हैं. आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका.
मूंग दाल का हलवा बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
मूंग दाल का हलवा बनाने के लिए एक कप धुली हुई पीली मूंग दाल लें. इसके अलावा आधा से तीन चौथाई कप देसी घी, करीब तीन चौथाई कप चीनी और दो कप दूध की जरूरत होगी. हलवे की मिठास अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा रख सकते हैं. स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर लें. इसके अलावा आठ से दस काजू, आठ से दस बादाम और थोड़े पिस्ते भी रख लें. अगर आप हलवे को ज्यादा रिच बनाना चाहते हैं, तो इसमें थोड़ा केसर भी डाल सकते हैं. हालांकि, बिना केसर के भी मूंग दाल का हलवा स्वादिष्ट बनता है.
सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर भिगोएं
मूंग दाल का हलवा बनाने की शुरुआत दाल तैयार करने से करें. इसके लिए सबसे पहले एक कप पीली मूंग दाल को दो से तीन बार साफ पानी से धो लें. इसके बाद दाल को एक बड़े बर्तन में डालकर पर्याप्त पानी भर दें. अब इसे करीब तीन से चार घंटे के लिए भिगोकर रख दें. ऐसा करने से दाल नरम हो जाएगी और इसे पीसना आसान रहेगा. जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, तो इसका पानी पूरी तरह निकाल दें. ध्यान रखें कि दाल में ज्यादा पानी न बचा हो, क्योंकि इससे हलवा भूनने में अधिक समय लग सकता है.
दाल को पीसते समय रखें इस बात का ध्यान
भीगी हुई मूंग दाल का पानी निकालने के बाद इसे मिक्सर में डालें. अब दाल को दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि इसे बिल्कुल बारीक पेस्ट नहीं बनाना है. अगर आप हलवाई जैसा दानेदार हलवा चाहते हैं, तो दाल को थोड़ा मोटा पीसना बेहतर रहेगा. जरूरत पड़ने पर पीसते समय एक-दो चम्मच पानी डाल सकते हैं, लेकिन ज्यादा पानी डालने से बचें. दाल जितनी ज्यादा गीली होगी, उसे भूनने में उतना ही ज्यादा समय लग सकता है. जब दाल का दरदरा मिश्रण तैयार हो जाए, तो इसे एक बर्तन में निकालकर अलग रख लें.
भारी तले की कड़ाही में गर्म करें देसी घी
अब गैस पर एक भारी तले की कड़ाही रखें. मूंग दाल का हलवा बनाने के लिए मोटे तले वाली कड़ाही बेहतर रहती है, क्योंकि इसमें दाल के जलने का खतरा कुछ कम रहता है. कड़ाही में देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें. जब घी गर्म हो जाए, तो इसमें पिसी हुई मूंग दाल डाल दें. शुरुआत में दाल घी के साथ मिलकर चिपचिपी दिखाई दे सकती है. इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है. अब इसे लगातार चलाते हुए भूनना शुरू करें. ध्यान रखें कि दाल कड़ाही के तले में चिपकने न पाए.
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दाल को अच्छी तरह भूनने से आएगा असली स्वाद
मूंग दाल का हलवा बनाने का सबसे जरूरी हिस्सा दाल को भूनना है. इसके लिए गैस की आंच धीमी से मध्यम रखें और दाल को लगातार चलाते रहें. शुरुआत में दाल का मिश्रण थोड़ा भारी और चिपचिपा दिखाई देगा, लेकिन जैसे-जैसे यह भुनेगा, इसकी बनावट बदलने लगेगी. कुछ देर बाद दाल से अच्छी खुशबू आने लगेगी और इसका रंग हल्का सुनहरा होने लगेगा. भूनते समय जल्दबाजी न करें. अगर आंच बहुत तेज होगी, तो दाल बाहर से भूरी हो सकती है, जबकि अंदर से कच्ची रह जाएगी. दाल को तब तक भूनें, जब तक उसका कच्चापन दूर न हो जाए और मिश्रण हल्का दानेदार दिखाई देने लगे. इसमें लगभग 25 से 40 मिनट या दाल की मात्रा के अनुसार इससे ज्यादा समय भी लग सकता है.
दूध डालकर हलवे को अच्छी तरह पकाएं
जब मूंग दाल अच्छी तरह भुन जाए, तो अब इसमें दूध मिलाने की बारी है. इसके लिए दूध को एक अलग बर्तन में हल्का गर्म कर लें. इसके बाद गर्म दूध को सावधानी से थोड़ा-थोड़ा करके भुनी हुई दाल में डालें. ध्यान रखें कि गर्म कड़ाही में दूध डालते समय भाप और छींटे निकल सकते हैं, इसलिए इसे धीरे-धीरे मिलाएं. अब दाल और दूध को अच्छी तरह चलाएं, ताकि कोई बड़ी गांठ न बने. इसके बाद मिश्रण को धीमी आंच पर पकने दें. कुछ देर में दाल दूध को सोखने लगेगी और हलवा गाढ़ा होने लगेगा.
चीनी मिलाने का सही समय क्या है?
जब दाल दूध को अच्छी तरह सोख ले और हलवा गाढ़ा दिखाई देने लगे, तो इसमें चीनी डालें. चीनी डालने के बाद मिश्रण थोड़ा पतला हो सकता है, क्योंकि गर्म होने पर चीनी घुलकर नमी छोड़ती है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. हलवे को धीमी से मध्यम आंच पर चलाते हुए पकाते रहें. कुछ देर बाद अतिरिक्त नमी कम होने लगेगी और हलवा दोबारा गाढ़ा हो जाएगा. अगर आपको कम मीठा हलवा पसंद है, तो चीनी की मात्रा थोड़ी कम रख सकते हैं. वहीं, ज्यादा मिठास पसंद करने वाले लोग अपने स्वाद के अनुसार चीनी बढ़ा सकते हैं.
इलायची और सूखे मेवों से बढ़ाएं स्वाद
अब हलवे में आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर डाल दें. इलायची की खुशबू मूंग दाल के हलवे का स्वाद और बढ़ा देती है. इसके बाद काजू, बादाम और पिस्ते को छोटे टुकड़ों में काटकर मिलाएं. अगर आप चाहें, तो थोड़े काजू और बादाम को अलग से घी में हल्का भूनकर भी डाल सकते हैं. इससे मेवों का स्वाद और अच्छा लगेगा. हलवे को कुछ मिनट तक और पकाएं, ताकि सभी चीजें अच्छी तरह मिल जाएं. अगर केसर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे पहले थोड़े गर्म दूध में भिगोकर हलवे में मिला सकते हैं.
हलवा तैयार होने की पहचान कैसे करें?
मूंग दाल का हलवा पूरी तरह तैयार हुआ है या नहीं, यह उसकी बनावट देखकर समझ सकते हैं. जब हलवा कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे, उसमें से अच्छी भुनी हुई खुशबू आए और घी हल्का अलग दिखाई देने लगे, तो समझिए कि हलवा तैयार होने के करीब है. इस समय गैस की आंच धीमी रखें और हलवे को कुछ देर और चलाएं. ध्यान रखें कि हलवा बहुत ज्यादा सूखा भी न हो जाए. सही तरीके से बना मूंग दाल का हलवा मुलायम होने के साथ हल्का दानेदार रहता है.
गरमागरम हलवे को ऐसे करें सर्व
मूंग दाल का हलवा तैयार होने के बाद इसे एक कटोरी या प्लेट में निकाल लें. ऊपर से बारीक कटे बादाम, काजू और पिस्ते डालकर सजाएं. अगर आपको देसी घी का स्वाद ज्यादा पसंद है, तो परोसते समय ऊपर से थोड़ा घी भी डाल सकते हैं. यह हलवा गरम खाने पर ज्यादा अच्छा लगता है. सर्दियों में इसे लंच या डिनर के बाद मीठे के रूप में परोस सकते हैं. घर में मेहमान आने वाले हों या कोई छोटा पारिवारिक कार्यक्रम हो, तब भी इसे बनाया जा सकता है.
हलवाई जैसा हलवा बनाने के लिए इन गलतियों से बचें
मूंग दाल का हलवा बनाते समय कुछ गलतियों से बचना जरूरी है. सबसे पहली गलती दाल को बहुत बारीक पीसना है. इससे हलवे में मनचाहा दानेदार स्वाद नहीं आ पाता. दूसरी गलती दाल को कम भूनना है. अगर दाल अच्छी तरह नहीं भुनेगी, तो हलवे में कच्चापन महसूस हो सकता है. इसके अलावा तेज आंच पर भूनने से दाल जल सकती है. चीनी को भी दाल अच्छी तरह पकने के बाद ही डालें. अगर हलवा बहुत ज्यादा गाढ़ा हो जाए, तो जरूरत के अनुसार थोड़ा गर्म दूध मिलाया जा सकता है. इन आसान बातों का ध्यान रखकर आप घर पर स्वादिष्ट मूंग दाल का हलवा बना सकते हैं.

