10:10 PM27 अक्टूबर 2026
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चुनाव में 4 बड़े मुद्दे…
1. 7 अक्टूबर के हमास हमले की जांच: 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल पर हमला किया था। इस हमले को रोकने में इजराइली सेना और खुफिया एजेंसियां नाकाम रही थीं।
तीन साल बाद भी सरकार ने इस बात की जांच के लिए आयोग नहीं बनाया है कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। विपक्ष का आरोप है कि सरकार इस हमले को रोकने में नाकाम रही और उसे इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
2. सेना में भर्ती को लेकर विवाद: इजराइल में ज्यादातर यहूदियों के लिए सेना में सेवा देना जरूरी है। 1948 में इजराइल बनने के बाद, हरेदी समुदाय के 400 लोगों को यहूदी संस्थानों में पढ़ने के लिए सेना में भर्ती होने से छूट मिली थी।
इसका मकसद धार्मिक विद्वानों की पढ़ाई और परंपरा को बचाए रखना था। लेकिन धीरे-धीरे छूट का दायरा बढ़ता गया। इसी छूट को लेकर आज इजराइल में विवाद है।
दूसरे समुदाय के लोगों का कहना है कि जब देश युद्ध में है, तब सभी को सेना में सेवा देनी चाहिए। नेतन्याहू को हरेदी समुदाय के लोगों का वोट मिलता है। ऐसे में वे इस छूट को बरकार रखना चाहते हैं।
वहीं गादी आइजनकोट का रुख नेतन्याहू से अलग है। वे चाहते हैं कि हरेदी समुदाय के लोगों को भी सेना या नागरिक सेवा में शामिल होना चाहिए।
इजराइल में हरेदी समुदाय की आबादी करीब 10 लाख हो गई है। यह कुल आबादी का लगभग 13% है।
3. सुप्रीम कोर्ट की ताकत कम करने की कोशिश: गाजा में युद्ध शुरू होने से पहले नेतन्याहू सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की ताकत कम करने की कोशिश की थी। यह मुद्दा आज भी नेतन्याहू सरकार और उसके विरोधियों के बीच टकराव की बड़ी वजह है।
4. देश की सुरक्षा और युद्ध कब खत्म होगा: नेतन्याहू ने हमास के खिलाफ पूरी जीत का वादा किया था, लेकिन हमास और लेबनान का हिजबुल्लाह अब भी एक्टिव हैं।

