7 मिनट पहले
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आगरा में फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों की गिरफ्तारी का समय पुलिस को अदालत में भारी पड़ गया। पुलिस ने गिरफ्तारी और जांच का समय शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक का दर्शाया था, जबकि बचाव पक्ष के मुताबिक, दोनों आरोपियों को दोपहर करीब 2 बजे ही पकड़ लिया गया था। आरोपियों के अधिवक्ता ने कॉल सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग अदालत में पेश कर दी।

आगरा कोर्ट में चल रहा है केस
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि मौके से अपराध से संबंधित कोई वस्तु बरामद नहीं हुई है। संबंधित फर्म विधिक रूप से वैध है और दोनों आरोपी उसमें नौकरी करते हैं। अधिवक्ता ने इसके समर्थन में दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। इन दलीलों के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) शारिब अली ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं स्वीकार कर लीं।
अदालत ने दोनों आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के दो जमानतदार और इतनी ही राशि के व्यक्तिगत बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहा करने के आदेश दिए। आरोपियों को इससे पहले 3 नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए थे। जमानत पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल उठाए। अधिवक्ता ने अदालत में सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत कर अपने तर्क के समर्थन में साक्ष्य दिए। सीजेएम ने आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं होने और मामले का विचारण मजिस्ट्रेट न्यायालय में होने के आधार पर जमानत स्वीकृत की।
मामले में थाना साइबर क्राइम के निरीक्षक श्याम सिंह ने 21 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, उसी दिन शाम 6:55 बजे दरोगा प्रशांत कुमार ने दूरसंचार कार्यालय के अधिकारियों और पुलिस टीम के साथ जगदीशपुरा स्थित आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-12 के सत्यम प्लाजा में वीवी इंटरप्राइजेज पर छापा मारा था। यहां से साइबर अपराध और लोगों के निजी डाटा का दुरुपयोग करने के आरोप में आमिर सैफी और मनीष को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने कॉल सेंटर से आठ सिम बॉक्स और 281 सिम बरामद करने का दावा किया था। दोनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। 22 अक्टूबर को दोनों को अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें 3 नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए थे। अब जमानत पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों और सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत किए जाने के बाद दोनों को राहत मिल गई।


