औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार ने मदनपुर थाना कांड संख्या 402/24 में 12 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। सभी को 20 नवंबर 2026 को सजा सुनाई जाएगी।
लोक अभियोजक अजय कुमार संतोष ने बताया कि रामेश्वर भुईयां को बीएनएस की धारा 103 के तहत दोषी ठहराया गया। बन्नी भुईयां, कुलदीप भुईयां और विकास भुईयां को धारा 117(2) के तहत दोषी करार दिया गया।
पिन्टु, दशरथ, मुन्ना, असंत, योगेन्द्र, अर्जुन भुईयां, चिंता देवी और रजली देवी को भी धारा 117(2) के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने उनके बंधपत्र रद्द कर उन्हें जेल भेज दिया। अभियोजन पक्ष ने 8 गवाह पेश किए।
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी कुंती देवी ने 13 अक्टूबर 2024 को दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, 12 अक्टूबर की रात 9 बजे अभियुक्त लाठी-डंडे और रॉड लेकर घर के दरवाजे पर पहुंचे और गाली देने लगे।
कुंती देवी के ससुर लक्ष्मण भुईयां ने गाली देने से मना किया, तो उन पर लाठी-डंडे और रॉड से हमला किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बचाव करने पहुंचे परिवार के सदस्य नागेन्द्र भुईयां और अजय भुईयां भी घायल हुए थे।
अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र 8 मार्च 2025 को दाखिल किया गया था।
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