Thursday, September 3, 2026
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‘इसका नाम सुनकर…’, डिस्ट्रीब्यूटर्स नहीं लेना चाहते थे रिस्क, अमिताभ बच्चन को इस फिल्म से कर दिया था बाहर


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Amitabh Bachchan Career: साल 1973 की ‘जंजीर’ से पहले अमिताभ बच्चन की 16 फिल्में फ्लॉप हुई थीं. उनकी सफल एक्टर बनने की उम्मीद टूटने लगी थी. तभी अमिताभ बच्चन को प्रकाश मेहरा की फिल्म ‘जंजीर’ मिल गई, जिसने उन्हें …और पढ़ें

‘जंजीर’ से पहले अमिताभ बच्चन की 16 फिल्में हुई थीं फ्लॉप.

हाइलाइट्स

  • अमिताभ बच्चन की 16 फिल्में हुई थीं फ्लॉप.
  • बिग बी को एक मूवी से कर दिया गया था बाहर.
  • ‘जंजीर’ का सफलता ने बना दिया था सुपरस्टार.
नई दिल्ली. अमिताभ बच्चन 70 के दशक में सुपरस्टार बन गए थे. साल 1973 में रिलीज हुई ‘जंजीर’ ने बिग बी के करियर को फर्श से अर्श पर पहुंचा दिया था. इससे पहले अमिताभ बच्चन की 16 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर पिट चुकी थीं. उस वक्त वह एक सफल एक्टर बनने की उम्मीद लगभग छोड़ चुके थे. लेकिन किस्मत ने ऐसी पलटी मारी कि वह टॉप हीरो में शुमार हो गए थे. रजा मुराद ने बताया कि अमिताभ बच्चन को ‘दुनिया का मेला’ फिल्म से बाहर कर दिया गया था.

यूट्यूब चैनल ‘द फिल्मी चर्चा’ को दिए इंटरव्यू में रजा मुराद ने दावा किया कि फिल्म इंडस्ट्री में सफल बनने के लिए 90 फीसदी किस्मत की जरूरत होती है. अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने अमिताभ बच्चन का उदाहरण दिया, जिनकी जिंदगी एक ही फिल्म से रातों-रात बदल गई, जब वह उसके लीड एक्टर के रूप में चुने गए.

अमिताभ बच्चन को फिल्म से कर दिया था बाहर

उन्होंने कहा, ‘अमिताभ बच्चन को दुनिया का मेला फिल्म से निकाल दिया गया था. मेकर्स ने उनको फिल्म से निकालकर संजय खान को ले लिया. उनकी 16 फिल्में फ्लॉप हो चुकी थीं. डिस्ट्रीब्यूटर्स कहने लगे थे कि अगर इसका नाम सुनकर कोई भी थिएटर नहीं आएगा. उस समय उनकी किस्मत उनके साथ नहीं थी. लेकिन जब किस्मत ने साथ दिया, तो सब कुछ अपने आप ठीक होता चला गया.’

किस्मत ने दिया अमिताभ बच्चन का साथ

रजा मुराद ने बताया, जब प्रकाश मेहरा जंजीर बनाना चाहते थे, तो वह दिलीप कुमार, धर्मेंद्र, देव आनंद, राजकुमार जैसे सितारों के पास गए, लेकिन किसी न किसी कारण से सभी ने फिल्म करने से इनकार कर दिया. जंजीर पूरी तरह से हीरो-सेंट्रिक फिल्म  थी. फिर भी 4 बड़े हीरो ने मना कर दिया. कोई नहीं जानता क्यों? लेकिन यह कहा जा सकता है कि किस्मत चाहती थी कि अमिताभ बच्चन इस फिल्म के हीरो बने’.

जंजीर ने अमिताभ बच्चन को बना दिया सुपरस्टार

दिगग्ज एक्टर ने आगे बताया, ‘जब प्रकाश मेहरा के पास कोई विकल्प नहीं बचा था, तब जया बच्चन (जया भादुरी) ने डायरेक्टर को सुझाव दिया कि वह अमिताभ बच्चन को कास्ट कर लीजिए. फिर अमिताभ बच्चन आए और साल 1973 में फिल्म लगी और आगे की कहानी इतिहास बन गई. इंडस्ट्री में तकदीर बहुत इम्पॉर्टेंट होती है.’

करियर के लिए वरदान साबित हुई ‘जंजीर’

‘जंजीर अमिताभ बच्चन के करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई थी. इसे राइटर जोड़ी सलीम-जावेद ने मिलकर लिखा था. फिल्म का डायलॉग ‘ये पुलिस स्टेशन है, तुम्हारे बाप का घर नहीं’ पॉप कल्चर का हिस्सा बन गया था. इस फिल्म ने बॉलीवुड में हीरो की परिभाषा ही बदल दी थी. इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘डॉन’ जैसी एक के बाद एक हिट फिल्मों की झड़ी लगा दी थी.

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डिस्ट्रीब्यूटर्स नहीं लेना चाहते थे रिस्क, अमिताभ को फिल्म से कर दिया था बाहर



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