Monday, September 21, 2026
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CBI का दावा- नीट पेपर लीक साजिश महीनों पहले हुई: NTA एक्सपर्ट्स पेपर तैयार करते समय सवाल याद कर लेते थे, छात्रों तक वॉट्सएप-टेलीग्राम से पहुंचा




नीट-यूपी 2026 पेपर लीक की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले रची गई थी। CBI ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल 94 पेज की चार्जशीट में यह दावा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, NTA के एक्सपर्ट्स ने पेपर तैयार करने के दौरान ही सवाल याद कर लिए थे। CBI चार्जशीट 28 जुलाई को दाखिल की गई थी, जिसकी जानकारी शुक्रवार को सामने आई। चार्जशीट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स NTA ऑफिस से होटल लौटकर याद किए गए सवाल पर्चियों पर लिखते थे। इसके बाद इन्हें बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाया जाता था। CBI का दावा है कि लीक पेपर टेलीग्राम, वॉट्सएप, PDF और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी फैलाए गए। CBI ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें NTA के तीन एक्सपर्ट्स भी शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि तीनों ने पेपर तैयार करने और मॉडरेशन के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर पेपर लीक किए। NTA एक्सपर्ट्स और बिचौलिए महीनों पहले संपर्क में आए CBI चार्जशीट के मुताबिक, नीट पेपर लीक किसी एक व्यक्ति की हरकत नहीं थी, बल्कि NTA एक्सपर्ट्स, प्राइवेट कोचिंग संचालकों, बिचौलियों और कुछ छात्रों की मिलीभगत से रची गई एक प्री-प्लान्ड साजिश थी। एजेंसी के अनुसार, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों ने परीक्षा से कई महीने पहले ही NTA के तीनों एक्सपर्ट्स से संपर्क कर लिया था। इनके बीच लगातार बातचीत, मुलाकातों और पैसों के लेन-देन हुआ था। CBI ने बताया NTA एक्सपर्ट्स ने सवाल कैसे लीक किए वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिए छात्रों तक पहुंचा पेपर चार्जशीट में कोचिंग संचालक और डॉक्टर भी आरोपी CBI ने चार्जशीट में डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी, पुणे के COO तेजस हर्षदकुमार शाह, रेणुकाई करियर सेंटर के मैनेजिंग पार्टनर शिवराज मोटेगांवकर और सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के मालिक डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे को भी साजिश का हिस्सा बताया है। जांच के मुताबिक, इन लोगों ने NTA के बाहर पूरे नेटवर्क का संचालन किया और लीक पेपर छात्रों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। CBI के मुताबिक, पेपर लीक का मकसद अवैध कमाई और कुछ कोचिंग संस्थानों के रिजल्ट बेहतर दिखाना था। CBI ने 13 आरोपियों के बैंक खाते-लॉकर फ्रीज किए चार्जशीट में कहा गया है कि एक आरोपी ने लीक पेपर मिलने के बाद अपने सर्टिफिकेट्स और साइन किया हुआ खाली चेक भी सिक्योरिटी के तौर पर दिया था। एजेंसी का दावा है कि इससे साफ होता है कि यह पूरी तरह पैसों का सौदा था। CBI ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, सबूत मिटाने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने आरोपियों के बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट अकाउंट भी फ्रीज किए हैं। 13 आरोपी, 360 गवाह; CBI जांच में अब तक क्या-क्या हुआ पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा हुई… जानें पूरा विवाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद सरकार और NTA ने परीक्षा रद्द कर दी। 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई थी। इस दौरान देश भर में 20 से ज्यादा छात्रों ने सुसाइड किया था। ———- ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा में आज पेपर लीक संशोधन बिल पर बोलेंगे राहुल:शाह जन्म-मृत्यु पंजीकरण बिल पेश करेंगे, सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल भी आएगा लोकसभा में आज पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर लगातार दूसरे दिन चर्चा होगी। पूरी खबर पढ़ें…



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