बागेश्वर. उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में सफर का मजा तब और बढ़ जाता है, जब खाने में मिले पहाड़ी पकवानों का स्वाद. इन स्वादिष्ट व्यंजनों में सबसे लोकप्रिय और
पसंदीदा डिश पकौड़ा कढ़ी है. खासतौर पर पहाड़ी खट्टी कढ़ी न केवल स्वाद से भरपूर होती है, बल्कि यह पेट के लिए हल्की और पोषण से भरपूर भी है. यही वजह है कि इसे यात्रा में भी बड़े आराम से ले जाया जा सकता है, क्योंकि ये जल्दी खराब नहीं होती है. पकौड़ा कढ़ी को उत्तराखंड के गांवों में पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है और इसकी महक ही भूख बढ़ा देती है. इसे बनाने का तरीका बहुत आसान है.
क्या है रेसिपी
सबसे पहले बेसन को पानी में अच्छी तरह घोल लें. इसमें स्वादानुसार नमक, हल्दी, लाल मिर्च और चुटकीभर हींग डालें. इस घोल से छोटे पकौड़े बनाकर गर्म तेल में सुनहरा होने तक तल लें. अब कढ़ी बनाने के लिए एक अलग बर्तन में दही और थोड़ा बेसन मिलाकर घोल तैयार करें, ताकि उसमें गांठ न रहे. इस घोल में हल्दी, थोड़ा सा नमक, धनिया पाउडर डालें और धीमी आंच पर पकाएं. जब कढ़ी में उबाल आ जाए, तब उसमें पहले से तैयार पकौड़े डाल दें. इसे कुछ देर धीमी आंच पर पकने दें, ताकि पकौड़े पूरी तरह से कढ़ी के स्वाद में रम जाएं. अंत में कढ़ी में तड़का लगाना बहुत जरूरी है, जो इसके स्वाद को दोगुना कर देता है. इसके लिए घी गरम करें, उसमें जीरा, मेथी दाना, लहसुन की कलियां और सुखी लाल मिर्च डालें. यह तड़का तैयार कढ़ी के ऊपर डालें.
खाते ही चलेगा जादू
उत्तराखंडी स्टाइल पकौड़ा कढ़ी को गरमागरम चावल या रोटी के साथ परोसा जाता है. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद बच्चे और बड़े सभी बार-बार मांगते हैं. खास बात ये है कि पहाड़ी दही से बनी खट्टी कढ़ी पाचन में सहायक होती है और शरीर को ठंडक देती है, जिससे यह गर्मियों में भी आदर्श भोजन मानी जाती है. पर्यटन स्थलों पर भी आपको इस डिश की खुशबू किसी ढाबे या लोकल होटल में जरूर खींच लाएगी. ऐसे में अगर आप उत्तराखंड की यात्रा पर हैं, तो एक बार खट्टी पकौड़ा कढ़ी का स्वाद जरूर लें. घर लौटकर इसे अपने किचन में ट्राय करें. यकीन मानिए, यह आपके खाने की लिस्ट में सबसे ऊपर होगी.