समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज की अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. रिंकी कुमारी दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। शनिवार को समस्तीपुर में प्रचार-प्रसार के दौरान उन्होंने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर अपनी प्राथमिकताओं और चुनावी एजेंडे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह छात्रों और महिलाओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरी हैं। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि शिक्षक के रूप में लंबे समय से छात्रों के बीच रहने के कारण वह उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझती हैं। इसी अनुभव को देखते हुए उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए उनके पास कई योजनाएं हैं। निर्वाचित होने पर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा और रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में काम करेंगी। संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें युवा और महिला मतदाताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। इतना ही नहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं। कई कॉलेजों में शुरू हो पीजी की पढ़ाई उन्होंने कहा कि समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय के कई कॉलेजों में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। खासकर छात्राओं को दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित होने पर क्षेत्र के सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े। कौशल आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि मिथिलांचल क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार से जोड़ना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपना रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार विस्तार के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्रों को दूसरे राज्यों और शहरों का रुख करना पड़ता है। खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए छात्र कोटा सहित अन्य शहरों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर मॉडल कॉलेज और बेहतर तैयारी की व्यवस्था विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। कॉलेजों में खेल मैदान और बेहतर संसाधन की व्यवस्था पर जोर उन्होंने कहा कि कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, आवश्यक उपकरणों और प्रयोगशालाओं की व्यवस्था के साथ-साथ खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा। सभी संकायों में पर्याप्त शिक्षक हों और कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई हो, इसके लिए भी वह आवाज उठाएंगी। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि वह लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे रही हैं। पिछले दो वर्षों से वह लगातार एमएलसी चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार में लगी हुई हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें लोगों का सहयोग और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एक सम्मेलन के दौरान वास्तु विहार में लोगों ने मिथिला की संस्कृति के अनुसार पाग और चादर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।
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