दिल्ली विकास प्राधिकरण ने उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधु के निर्देश पर मास्टर प्लान फॉर दिल्ली (MPD)-2047 के प्रभावी और सहभागी क्रियान्वयन के लिए हितधारकों के साथ परामर्श बैठकों की शुरुआत की है।
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इस कड़ी में पहली बैठक मंगलवार, 1 सितंबर को हुई। इसमें सांसदों और दिल्ली विधानसभा के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
बैठक में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, प्रवीण खंडेलवाल समेत दिल्ली विधानसभा के 33 विधायक शामिल हुए।
डीडीए के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार ने जनप्रतिनिधियों को MPD-2047 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।
जनप्रतिनिधियों ने मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की दिशा में डीडीए के प्रयासों की सराहना की और अपने लिखित सुझाव देने के लिए 15 दिन का समय मांगा।
मीटिंग के दौरान इन मुद्दों पर हुआ मंथन बैठक में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD), हाई डेंसिटी कॉरिडोर (HDC), लैंड पूलिंग पॉलिसी, अनधिकृत कॉलोनियां और लो डेंसिटी एरिया (LDA) समेत प्रमुख शहरी विकास प्रावधानों पर चर्चा हुई।
एलजी कार्यालय के अनुसार, MPD-2047 को लेकर अगले तीन महीनों में करीब 20 परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी। जनप्रतिनिधियों के साथ शुरू हुआ यह अभियान डीडीए के व्यापक हितधारक परामर्श कार्यक्रम का पहला चरण है।
किसानों से लेकर उद्योग संगठनों तक होंगे शामिल आगामी बैठकों में सरकारी एजेंसियों, सेवा प्रदाताओं, उद्योग संगठनों, आर्किटेक्ट्स और प्लानर्स, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, किसानों, भूमि मालिकों, व्यापारिक संगठनों, संरक्षण निकायों, परिवहन एजेंसियों और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
इन बैठकों में यमुना और ब्लू-ग्रीन जोन, विरासत संरक्षण, इन-सीटू स्लम पुनर्विकास, यातायात भीड़ कम करने और मेडिकल व एजुकेशन हब विकसित करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी।
डीडीए का उद्देश्य विभिन्न वर्गों के सुझावों को शामिल कर दिल्ली के दीर्घकालिक विकास की बेहतर योजना तैयार करना है।

