Last Updated:
रिटायरमेंट की तैयारी हर व्यक्ति के लिए जरूरी मानी जाती है, और इसके लिए सही वित्तीय योजना बनाना अहम है. Dezerv के को-फाउंडर संदीप जेतवानी ने एक पॉडकास्ट में कहा कि मिडिल क्लास परिवार को आराम से रिटायर होने के लिए करीब ₹40 करोड़ का फंड चाहिए. यह अमाउंट उन्होंने घर और कार को छोड़कर होगी और भविष्य के बढ़ते खर्च, महंगाई, स्वास्थ्य खर्च और लाइफस्टाइल बदलाव को ध्यान में रखकर बताई है.
अगर आपकी उम्र 35-40 साल है और आज मेट्रो शहर में आपका मासिक खर्च 1-2 लाख रुपये है, तो 60 साल की उम्र में रिटायरमेंट के लिए ₹40 करोड़ का कॉर्पस (corpus) चाहिए.
रिटायरमेंट की तैयारी करना हर शख्स के लिए जरूरी है. आज के दौर में बुढ़ापे के लिए बड़ा फंड बनाने के लिए सही प्लानिंग जरूरी होती है. हाल ही में एक पॉडकास्ट में Dezerv के सह-संस्थापक संदीप जेतवानी ने दावा किया कि मिडिल क्लास फैमिली को आराम से रिटायर होने के लिए ₹40 करोड़ की जरूरत पड़ेगी.
‘The Money Mindset’ पॉडकास्ट में बताया कि अगर आपकी उम्र 35-40 साल है और आज मेट्रो शहर में आपका मासिक खर्च 1-2 लाख रुपये है, तो 60 साल की उम्र में रिटायरमेंट के लिए ₹40 करोड़ का कॉर्पस चाहिए. अहम बात यह है कि यह राशि घर और कार को छोड़कर है. यानी घर और गाड़ी अलग से होनी चाहिए. संदीप जेठवानी के अनुसार, यह राशि भविष्य के सभी खर्चों- बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, लाइफस्टाइल और अनिश्चित खर्चों को कवर करने के लिए पर्याप्त होनी चाहिए.
इतना ज्यादा अमाउंट क्यों?
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, फाउंडर ने मुख्य रूप से इन्फ्लेशन (महंगाई), लाइफस्टाइल क्रिप (खर्च बढ़ने की आदत) और अचानक से आए स्वास्थ्य खर्चों को वजह बताया है. आज 1-2 लाख रुपये मासिक खर्च करने वाले व्यक्ति का खर्च 20 साल बाद बहुत बढ़ जाएगा. महंगाई के कारण जरूरतें भी बदलती रहती हैं.
पॉडकास्ट होस्ट ने खुद कहा कि उनका अनुमान तो करीब 10 करोड़ का था, लेकिन संदीप जेठवानी का आंकड़ा काफी अधिक है. उन्होंने माना कि यह संख्या भारी लगती है, लेकिन वास्तविकता को देखते हुए मुश्किल है.
लोगों ने किया रिएक्ट
यह वीडियो देखकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने रिएक्ट किया है. कई यूजर्स ने इसे ‘mind-boggling’ बताया है और कुछ यूजर ने तो इसे ‘नॉनसेंस’ ही बता डाला. एक यूजर ने लिखा, ’60 साल की उम्र तक बच्चों की शिक्षा का खर्च क्यों? उसके बाद 20-25 साल ही जीना है.’
दूसरे ने कहा कि ज्यादातर भारतीय अपनी पूरी जिंदगी में 1 करोड़ भी नहीं कमा पाते, फिर 40 करोड़ की बात कहां से आ गई? कई लोगों ने इसे अमीरों की लाइफस्टाइल (जैसे LV बैग्स खरीदने वाले) से जोड़ा और कहा कि आम आदमी के लिए यह व्यावहारिक नहीं है. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि कितनी कमाई मानकर यह कैलकुलेशन की गई है.
कई फाइनेंशियल एडवाइजर्स सलाह देते हैं कि रिटायरमेंट के लिए 4% नियम (4% withdrawal rule) का इस्तेमाल करें. यानी आपके कॉर्पस का 4% सालाना निकालकर आप आराम से गुजारा कर सकते हैं. लेकिन महंगाई के साथ यह कैलकुलेशन भी बदलती रहती है.
About the Author

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें

