Thursday, July 30, 2026
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Zepto आईपीओ पर बड़ा अपडेट, पहले अपने पुराने निवेशकों से जुटाएगी 1,000 करोड़


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क्विक कॉमर्स स्टार्टअप Zepto ने फिलहाल अपना IPO लाने का प्लान टाल दिया है. शेयर बाजार में उतरने से पहले अब कंपनी अपने पुराने निवेशकों से ही Pre-IPO फंडिंग के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है, जिसके चलते इसके मुख्य आईपीओ का आकार भी अब छोटा हो जाएगा.

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Zepto IPO पर बड़ा अपडेट आया है.

स्वराज सिंह धंजल/ चंद्र आर श्रीकांत / तुषार गोयनका
अगर आप जेप्टो (Zepto) के IPO का इंतजार कर रहे थे, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है. जेप्टो ने फिलहाल अपना आईपीओ लाने का प्लान टाल दिया है. शेयर बाजार में आम जनता के बीच उतरने से पहले कंपनी ने एक अलग रास्ता चुना है और अब वह सीधे तौर पर बड़ी रकम जुटाने की तैयारी कर रही है.

आम जनता से पैसा मांगने के बजाय, जेप्टो ने अब Pre-IPO फंडिंग का रास्ता अपनाया है. कंपनी अपने पुराने और भरोसेमंद निवेशकों से ही करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है. इन निवेशकों में ग्लेड ब्रुक, जनरल कैटलिस्ट, गुडवाटर कैपिटल और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स जैसी बड़ी कंपनियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने पहले भी कंपनी पर भरोसा जताया था.

आखिर जेप्टो ने अपना आईपीओ क्यों टाला?

इसका सबसे बड़ा कारण है कंपनी की वैल्यूएशन यानी उसकी कुल कीमत को लेकर हुआ मतभेद. जेप्टो चाहती थी कि बाजार में उसकी कीमत ज्यादा आंकी जाए, लेकिन घरेलू म्यूचुअल फंड्स कंपनी को वह भाव नहीं दे रहे थे. शर्तें और कीमत मनमुताबिक न होने के कारण कंपनी ने आम जनता के बजाय अपने पुराने निवेशकों के पास जाने का यह फैसला किया.

म्यूचुअल फंड्स जेप्टो की वैल्यू 2.5 से 3 अरब डॉलर यानी करीब 24,000 से 29,000 करोड़ रुपये के बीच लगा रहे थे, जो कि जेप्टो की 5 अरब डॉलर की उम्मीद से बहुत कम था. हैरानी की बात यह है कि सिर्फ छह महीने पहले एक प्राइवेट फंडिंग में जेप्टो की वैल्यू 7 अरब डॉलर आंकी गई थी. अब इस नए प्री-आईपीओ राउंड में कंपनी को 4 से 4.2 अरब डॉलर की वैल्यूएशन मिलने की उम्मीद है.

आगे असर क्‍या होगा

अब सवाल उठता है कि इस प्री-आईपीओ फंडिंग का आगे क्या असर होगा? शेयर बाजार के नियामक SEBI के नियमों के अनुसार, कोई भी कंपनी अपने आईपीओ से पहले 20 प्रतिशत तक रकम इस तरह जुटा सकती है. लेकिन नियम यह भी है कि अभी जेप्टो जितने पैसे जुटाएगी, उसे बाद में आने वाले मुख्य आईपीओ के कुल आकार में से घटा दिया जाएगा.

आईपीओ के आकार पर भी असर

इस पूरे घटनाक्रम और बाजार के मूड का असर जेप्टो के भविष्य के आईपीओ के आकार पर भी पड़ा है. पहले कंपनी बाजार से करीब 8,000 करोड़ रुपये जुटाने की बड़ी योजना बना रही थी. लेकिन अब इस आईपीओ के आकार को घटाकर 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यानी जब भी जेप्टो का आईपीओ शेयर बाजार में आएगा, वह पहले के अनुमान से थोड़ा छोटा होगा.



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