सोशल मीडिया पर अनाथ आश्रम से शादी कराने का विज्ञापन देखकर ग्वालियर की दो महिलाएं साइबर ठगी का शिकार हो गईं। जालसाजों ने बेटे और रिश्तेदार के लिए दुल्हन तलाश रही महिलाओं से अलग-अलग किश्तों में 24,500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। जब महिलाओं ने शादी से पहले दुल्हन से वीडियो कॉल पर बात कराने को कहा तो आरोपियों ने उनके नंबर ब्लॉक कर दिए। पीड़िताओं ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और पुलिस में शिकायत की है। फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ संपर्क शब्दप्रताप आश्रम क्षेत्र के रामपुरी मोहल्ला निवासी आरती शाक्य और उनकी पड़ोसन पूनम जाटव ने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा था। इसमें दावा किया गया था कि शादी के इच्छुक कुंवारे लड़कों का विवाह अनाथ आश्रम की लड़कियों से कराया जाता है। पूनम अपने मौसी के बेटे और आरती अपने बेटे के लिए लड़की तलाश रही थीं। विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने अपना नाम गौरव शर्मा बताया और इंदौर के ‘गुरूनानक अनाथ आश्रम’ से बात करने का दावा किया। तस्वीरें भेजीं, फर्जी फॉर्म और सर्टिफिकेट दिखाए महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने वॉट्सऐप पर 8-9 लड़कियों की तस्वीरें भेजीं। लड़की पसंद करने के बाद आरोपी ने दूल्हे-दुल्हन की फोटो लगाकर 500 रुपए के स्टाम्प पेपर जैसा दिखने वाला फर्जी रजिस्ट्रेशन फॉर्म और मैरिज सर्टिफिकेट का ड्राफ्ट भेजा। आरोपी ने 2 अक्टूबर को शादी कराने का भरोसा भी दिलाया। उसने कहा कि वे केवल एक घंटे के लिए ग्वालियर आएंगे और शादी कराकर लौट जाएंगे। लड़की की शॉपिंग का खर्च लड़के वालों को उठाने की बात कही। दहेज का सामान दिखाकर QR कोड भेजा इसके बाद आरोपी ने वॉट्सऐप पर एक वीडियो भेजा, जिसमें फ्रिज, अलमारी, कूलर, बाइक सहित घरेलू सामान दिख रहा था। आरोपी ने दावा किया कि अनाथालय अपनी ओर से बेटी को शादी में यह सामान देता है। इसके बाद एक QR कोड भेजकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। पहली किस्त के 7,500 रुपए ट्रांसफर करने पर खाते में ‘तालिम खान’ नाम दिखाई दिया। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में कुल 24,500 रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। वीडियो कॉल की मांग की तो नंबर कर दिए ब्लॉक महिलाओं ने शादी से पहले दुल्हन से वीडियो कॉल पर बात कराने की इच्छा जताई तो आरोपी ने आश्रम में वीडियो कॉल की अनुमति नहीं होने की बात कही। तय समय पर शादी के लिए संपर्क किया तो आरोपी के नंबर बंद मिले। बाद में दोनों महिलाओं के वॉट्सऐप नंबर भी ब्लॉक कर दिए गए। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उधार लेकर जुटाए थे रुपए आरती शाक्य ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं। परिवार में बहू आने की उम्मीद में उन्होंने उधार लेकर रुपए जुटाए थे, लेकिन ठगों ने उनकी जमा-पूंजी ठग ली। पूनम जाटव ने कहा कि वे ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं और फर्जी फॉर्म व वीडियो देखकर आरोपियों पर भरोसा कर बैठीं। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई कर रुपए वापस दिलाने की मांग की है। नंबर की डिटेल खंगाल रही पुलिस पुलिस के अनुसार महिलाओं की शिकायत को जांच में लिया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की भी डिटेल निकाली जा रही है।
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अनाथ आश्रम से शादी का झांसा देकर 24,500 रुपए ठगे: ग्वालियर में फेसबुक पर विज्ञापन देखकर बेटे-भाई के लिए दुल्हन तलाश रही थीं महिलाएं – Gwalior News
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