Friday, April 10, 2026
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आगरा में अब यमुना किनारे सिल्ट बनी मुसीबत: बाढ़ गुजर जाने के 3 दिन बाद भी नहीं हटी सिल्ट, लोग परेशान – Agra News


पोइया घाट स्थित शमशान घाट में जमी सिल्ट।

आगरा में यमुना किनारे क्षेत्र के लोगों को पहले बाढ़ ने परेशान किया और अब सिल्ट मुसीबत बन रही है। बाढ़ गुजर जाने 3 दिन बाद भी सिल्ट नहीं हटी है। इससे यमुना किनारे क्षेत्र लोग परेशान हैं। नदी से लगभग 200 मीटर दूर तक सिल्ट जमी हुई है।

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8-8 इंच तक जमी सिल्ट पोइया घाट पर 8-8 इंच तक सिल्ट जमा है। यहां दयालबाग रोड तक सिल्ट ही सिल्ट दिखाई दे रही है। शमशान घाट में से भी सिल्ट नहीं हटी है। बाढ़ ने यहां क्या तबाही मचाई, इसके निशान साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। आसपास छोटी दुकानें हैं, वह सिल्ट से घिरी हुई हैं।

पोइया घाट पर 200 मीटर तक जमी है सिल्ट।

संक्रमण फैलने का खतरा बाढ़ का पानी तो उतर गया है लेकिन सिल्ट को उठाने का काम अब तक नहीं शुरू हुआ है। लोगों का कहना है कि अब तक कोई टीम नहीं पहुंची है, इसकी वजह से क्षेत्र में संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। बता दें कि गुरुवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया था। ऐसा ही हाल, मां गौरी टाउन और मनोहरपुर का है। अमर विहार में भी सिल्ट जमी हुई है। दयालबाग स्थित तनिष्क राजश्री को जाने वाले रास्ते सिल्ट की वजह से ब्लॉक है। बाढ़ की वजह से बहुत से लोगों को नुकसान हुआ है। किसानों का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उनकी फसलें खराब हो गई हैं।

यमुना किनारे बाढ़ गुजरने के बाद जमी सिल्ट।

यमुना किनारे बाढ़ गुजरने के बाद जमी सिल्ट।

10 दिन तक बरपाया कहर आगरा में बाढ़ ने लगभग 10 दिन तक कहर बरपाया। इससे हजारों लोगों को नुकसान हुआ। किसी का घर बर्बाद हुआ तो किसी की फसल। ऐसे में सरकार अब इसकी भरपाई के प्रयास शुरू करने जा रही है। बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा।

यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री व आगरा के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने 15 दिन में बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए हैं। सर्वे निष्पक्ष और भेदभाव रहित हो, इसके लिए दो चरणों में कराया जाएगा-पहले लेखपाल मौके पर जाकर सर्वे करेंगे और उसके बाद ड्रोन सर्वे भी होगा।

10 सितंबर को बाढ़ में डूबा पोइया घाट।

10 सितंबर को बाढ़ में डूबा पोइया घाट।

भौतिक सर्वे के साथ ड्रोन सर्वे कर रिपोर्ट आख्या पोर्टल पर अपलोड करें तथा बाढ़ से प्रभावित घरों और पशुओं के नुकसान का आकलन कर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



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