Friday, July 31, 2026
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आज फैसले का दिन! टाटा समूह में रहेंगे मेहली मिस्‍त्री या हो जाएगी छुट्टी, नोएल ने विरोध में खोल रखा है मोर्चा


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Mehli vs Noel : मेहली और नोएल टाटा के बीच जारी खींचतान आज अपने परिणाम तक पहुंचने वाली है. टाटा ट्रस्‍ट में मेहली की दोबारा नियुक्ति को लेकर आज वोटिंग होगी. इस नियुक्ति के खिलाफ नोएल ने पूरी तरह मोर्चा खोल रखा है.

टाटा ट्रस्‍ट में आज मेहली की दोबारा नियुक्ति पर फैसला होना है.

नई दिल्‍ली. टाटा समूह के लिए आज बड़ा दिन है. साल 2022 से टाटा ट्रस्‍ट में ट्रस्‍टी रहे मेहली मिस्‍त्री का कार्यकाल आज यानी 28 अक्‍टूबर को समाप्‍त हो रहा है. उनकी दोबारा नियुक्ति को लेकर आज फैसला होना है. वैसे तो टाटा संस ने इस नियुक्ति का प्रस्‍ताव दिया था, लेकिन टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन नोएल टाटा उनके रास्‍ते की सबसे बड़ी दीवार बने हुए हैं. नोएल के साथ डिप्‍टी चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन और एक अन्‍य ट्रस्‍टी विजय सिंह भी हैं, जबकि मेहली को भी दो अन्‍य ट्रस्टियों का साथ मिला हुआ है.

सर दोराबजी टाटा और सर रतन टाटा ट्रस्‍ट के बोर्ड में शामिल ट्रस्टियों का कार्यकाल समाप्‍त होने के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए सभी की अनुमति जरूरी है. टाटा संस ही समूह की सभी कंपनियों की होल्डिंग देखती है और इसमें ट्रस्‍ट की 51 फीसदी हिस्‍सेदारी है. जाहिर है कि इस ट्रस्‍ट में नियुक्ति को लेकर मेहली मिस्त्री इसीलिए इतना परेशान हैं, क्‍योंकि एक बार ट्रस्‍ट के बोर्ड से निकलने के बाद उनका रुतबा खत्‍म होने का खतरा है.

दो फाड़ में बंट गया समूह
टाटा ट्रस्‍ट के बोर्ड में मेहली की नियुक्ति को लेकर चल रही खींचतान दो फाड़ में बंट चुकी है. इसमें एक तरफ तो नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह हैं जो मेहली की नियुक्ति के सख्‍त खिलाफ हैं. दूसरी ओर, डैरियस खंबाटा, प्रमित झावेरी और जहांगीर एचसी जहांगीर हैं, जो मेहली की नियुक्ति के पक्ष में खड़े हैं. वोटिंग का यह सिलसिला तब शुरू हुआ, जब पिछले सप्‍ताह टाटा ट्रस्‍ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा ने मेहली की दोबारा नियुक्ति का प्रस्‍ताव दिया था.

मेहली ने खुद खड़ा किया बखेड़ा
मेहली मिस्‍त्री टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा के काफी करीबी माने जाते हैं. उन्‍होंने रतन टाटा का साथ तब भी नहीं छोड़ा था, जब साल 2016 में उनके चचेरे भाई साइरस मिस्‍त्री की नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था. लेकिन, पिछले दिनों वेणु श्रीनिवासन की दोबारा नियुक्ति के समय मेहली मिस्‍त्री ने शर्त रखी कि उनका समर्थन तभी माना जाएगा, जबकि उनकी नियुक्ति का रास्‍ता साफ होगा. यह शर्त टाटा संस के आंतरिक कानून के खिलाफ थी और इसी बात से नोएल टाटा को सबसे ज्‍यादा चिढ़ हुई. इसके अलावा मेहली और उनके साथियों ने नोएल के करीबी विजय सिंह की दोबारा नियुक्ति का भी विरोध किया था, जिसके बाद से ही मेहली मिस्‍त्री नोएल टाटा के निशाने पर आ गए थे.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

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