Monday, September 21, 2026
Homeराज्यराजस्तानउदयपुर में ‘क्लाइमेट चक्रव्यूह’ में जुटेंगे देशभर के युवा: किताबी ज्ञान...

उदयपुर में ‘क्लाइमेट चक्रव्यूह’ में जुटेंगे देशभर के युवा: किताबी ज्ञान की जगह अनुभवों से पर्यावरण संकट को अनूठे समझेंगे; पढ़िए- क्या होगा खास – Udaipur News


देश भर के 150 से अधिक युवा, पर्यावरण अभ्यासकर्ता, सामाजिक उद्यमी और कलाकार इसमें जुटेंगे।

उदयपुर में 26 और 27 सितंबर को एक बेहद अनूठा और देश का अपनी तरह का पहला ‘क्लाइमेट चक्रव्यूह फेस्टिवल 2026’ होने जा रहा है।

.

विद्या भवन में होने वाले इस दो दिवसीय नागरिक-नेतृत्व वाले महोत्सव का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन को केवल उबाऊ आंकड़ों और डरावनी तस्वीरों के बजाय सीधे जमीनी अनुभवों के जरिए महसूस कराना है।

इस फेस्टिवल में देश भर के 150 से अधिक युवा, पर्यावरण अभ्यासकर्ता, सामाजिक उद्यमी और कलाकार जुट रहे हैं। फेस्टिवल में आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।

महाभारत के चक्रव्यूह से प्रेरित है यह सोच

फेस्टिवल का नाम महाभारत के ‘चक्रव्यूह’ से प्रेरित है-एक ऐसी युद्ध रचना जिसमें प्रवेश तो आसान था, पर बाहर निकलने का रास्ता खोजना बेहद कठिन। आज की जलवायु चुनौती भी पारिस्थितिक, सामाजिक, आर्थिक और मानवीय शक्तियों का एक ऐसा ही उलझा हुआ जाल है, जिससे अकेले बाहर निकलना नामुमकिन है।

फेस्टिवल के क्यूरेटर राजेश एन सिंह मेहर ने बताया कि कोई भी बदलाव अपने आप से शुरू होता है। लेकिन खुद को बदलने के लिए हमें समान विचारधारा वाले साथियों का एक इकोसिस्टम चाहिए।

इस चक्रव्यूह को कोई एक व्यक्ति अकेले नहीं भेद सकता। जब हम सब इकट्ठे आएंगे, तभी इससे बाहर निकलने का रास्ता मिलेगा। हमारी यही कोशिश है।

इस फेस्टिवल में देश भर के 150 से अधिक युवा, पर्यावरण अभ्यासकर्ता, सामाजिक उद्यमी और कलाकार जुट रहे हैं।

ये होंगे मुख्य आकर्षण

द जर्नी ऑफ अ ड्रॉप: इसके जरिए प्रतिभागी पानी की एक बूंद के सफर और जल-संचयन प्रणालियों को गहराई से समझ सकेंगे।

द स्काई सेंचुरी: भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, खुले आसमान के नीचे बादलों को देखते हुए कुछ पल ठहरने और सुकून महसूस करने का अनूठा अनुभव।

रिपेयर कैफे: ‘कबाड़ से जुगाड़’ की तर्ज पर यहाँ लोग अपनी पुरानी साइकिल, खराब इलेक्ट्रॉनिक्स और फटे-पुराने कपड़ों को फेंकने के बजाय उनकी मरम्मत करना सीखेंगे।

बियॉन्ड द बिन: इसके तहत प्रतिभागियों को शहर के कचरा प्रबंधन केंद्र का दौरा कराया जाएगा, ताकि वे कचरे के सही निपटारे को लाइव देख सकें।

बर्ड वॉक से लेकर सांपों की खोज तक

फेस्टिवल में किताबी ज्ञान के बजाय सीधे अनुभव पर जोर है। प्रतिभागियों के लिए सुबह की बर्ड वॉक, रात में पतंगों व सांपों की खोज, पत्तल-दोना बनाना और सीड ज्वेलरी जैसी गतिविधियां होंगी।

इसके अलावा बिना रजिस्ट्रेशन के भी चलने वाले सेंसरी स्टेशन होंगे, जिनमें ‘बैरफुट ट्रेल’ (नंगे पैर चलना), ‘साउंड्स ऑफ नेचर’, ‘खेजड़ी बैठक’ और अरावली हाट में स्थानीय कारीगरों व पर्यावरण-सजग उद्यमियों का फ्ली मार्केट व फूड स्टॉल्स शामिल हैं।

विद्या भवन में होने वाले इस दो दिवसीय नागरिक-नेतृत्व वाले महोत्सव का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन को केवल उबाऊ आंकड़ों और डरावनी तस्वीरों के बजाय सीधे जमीनी अनुभवों के जरिए महसूस कराना है।

विद्या भवन में होने वाले इस दो दिवसीय नागरिक-नेतृत्व वाले महोत्सव का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन को केवल उबाऊ आंकड़ों और डरावनी तस्वीरों के बजाय सीधे जमीनी अनुभवों के जरिए महसूस कराना है।

शाम को सजेगी सुरों की महफिल

दिनभर के अनुभवों के बाद शाम को ‘म्यूजिक, इकोलॉजी एंड हारमनी’ का आयोजन होगा। इसमें शास्त्रीय गिटार वादक राघवेंद्र कुमार, लोक कलाकार रितेश गोहिया, कवि व ‘नूरी’ वाद्ययंत्र के रचयिता कविश सेठ और ‘पहाड़ों में’ गाने के लिए मशहूर इंडी गायक सलमान इलाही अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।

मिलेगा ‘क्लाइमेट पासपोर्ट’, गेम की तरह पूरा करना होगा टास्क

फेस्टिवल को रोमांचक बनाने के लिए इसे एक ‘गेमीफाइड क्वेस्ट’ का रूप दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के बाद हर प्रतिभागी को एक ‘क्लाइमेट पासपोर्ट’ मिलेगा। उन्हें तीन रास्तों-सीइंग (आकाश), डूइंग (पृथ्वी) और बीइंग (प्राण) में से किसी एक पर आगे बढ़ना होगा।

हर अनुभव पूरा करने पर पासपोर्ट पर गोल्ड, सिल्वर या ब्रॉन्ज स्टैम्प लगेगा। स्कोर ऐप के लीडरबोर्ड पर लाइव दिखेगा और टॉप 30 प्रतिभागियों को 27 सितंबर को ग्रैंड क्लोजर में सम्मानित किया जाएगा।



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments