Last Updated:
रणवीर सिंह और फरहान अख्तर की दोस्ती कभी बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती थी. दोनों ने साथ में फिल्म ‘दिल धड़कने दो’ में काम किया और कई मौकों पर एक-दूसरे का खुलकर सपोर्ट भी किया. लेकिन अब डॉन 3 को लेकर छिड़ा विवाद उनके रिश्तों पर सवाल खड़े कर रहा है. रणवीर के कथित तौर पर फिल्म छोड़ने, करोड़ों रुपये के हर्जाने की मांग और FWICE के गैर-सहयोग निर्देश के बीच यह मामला लगातार सुर्खियां बटोर रहा है.
नई दिल्ली. एक वक्त था जब रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच काफी अच्छी दोस्ती थी. वह बॉलीवुड के सबसे अच्छे दोस्तों में से एक माने जाते थे. दोनों ने फिल्म दिल धड़कने दो में साथ काम किया. दोनों के बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग भी देखने को मिलती थी.

पिछले साल फरहान अख्तर की फिल्म 120 बहादुर की स्क्रीनिंग में रणवीर सिंह ने भी शिरकत की थी.इस मौके पर दोनों को एक-दूसरे को गले लगाकर गर्मजोशी से मुलाकात करते देखा गया था.वो मंजर देख उनकी दोस्ती और प्रोफेशनल रिश्ते को लेकर खूब चर्चा हुई थी.

लेकिन अब वो दोस्ती और वो मामला पूरी तरह बदल चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह के डॉन 3 से बाहर होने के बाद विवाद खड़ा हो गया. फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने दावा किया कि अभिनेता के फिल्म छोड़ने से उन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इतना ही नहीं हद तो तब हुई, जब कंपनी ने कथित तौर पर उनसे 40 से 45 करोड़ रुपये तक के हर्जाने की मांग की है. ये मामला कोर्ट तक भी पहुंचा. ये मामला बाद में FWICE यानी फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज तक पहुंचा.

ये देख संगठन ने रणवीर सिंह के खिलाफ गैर-सहयोग निर्देश भी जारी कर दिया था. बताया जा रहा है कि डॉन 3 की शूटिंग शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी थी. इसके बाद फरहान अख्तर ने IFTDA और FWICE से कॉन्टेक्ट किया.

अब यह विवाद सिर्फ फिल्म छोड़ने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें मुआवजे की मांग, क्रिएटिव मतभेद और इंडस्ट्री स्तर की कार्रवाई जैसे कई मुद्दे जुड़ गए हैं.FWICE के अधिकारियों के अनुसार, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी का कहना है कि रणवीर के बाहर होने से पहले फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर काफी पैसा खर्च किया जा चुका था.

वहीं, अभिनेता के कथित तौर पर संगठन के सामने पेश न होने के बाद गैर-सहयोग निर्देश जारी किया गया.बीते सप्ताह FWICE के सदस्य अशोक पंडित ने साफ किया कि रणवीर सिंह पर किसी तरह का कानूनी बैन नहीं लगाया गया है.

इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि ये सिर्फ गैर-सहयोग निर्देश है. इसका मतलब है कि FWICE से जुड़े 30 अलग-अलग विभागों के सदस्यों को सलाह दी गई है कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक वे रणवीर सिंह के साथ काम न करें.

