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जब भी बॉलीवुड में 2 सुपरस्टार के रीयूनियन की बात होती है, तो सबसे पहले शाहरुख खान और सलमान खान का नाम दिमाग में आता है. 1995 की ब्लॉकबस्टर ‘करण अर्जुन’ में इस जोड़ी ने थिएटर में जो ड्रामैटिक असर डाला, वह सालों तक याद रहा. उसके बाद, छोटे-मोटे कैमियो और गानों के अलावा, यह जादुई जोड़ी पूरे 7 साल बाद 2002 में लीड एक्टर के तौर पर सिल्वर स्क्रीन पर फिर से आई. फिल्म का नाम था ‘हम तुम्हारे हैं सनम.’ हालांकि फिल्म को बनने में काफी समय लगा, लेकिन रिलीज होने पर इसने शानदार धूमधाम से टिकट खिड़कियों पर कब्जा कर लिया.
नई दिल्ली. 90 के दशक में बॉलीवुड ने खान्स को स्टारडम तक पहुंचते देखा, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को बदल दिया. 1995 में ‘करण अर्जुन’ के साथ, राकेश रोशन ने देश को ‘मेरा करण अर्जुन आएंगे’ की कल्ट कहानी दी, जिसने महीनों तक थिएटर भरे रखे. ब्लॉकबस्टर के बाद, हर बड़ा फिल्ममेकर इन दोनों सुपरस्टार्स को एक साथ एक ही फ्रेम में लाने के लिए बेताब था. हालांकि, उनके स्टारडम बिजी शेड्यूल और भारी फीस के कारण, ऐसा कॉम्बिनेशन बनाना बहुत मुश्किल काम साबित हुआ. ठीक 7 साल बाद, डायरेक्टर केएस अधियामन के डायरेक्शन में, नामुमकिन को मुमकिन बनाया गया और यह जोड़ी एक बार फिर ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ में स्क्रीन पर आमने-सामने आई. फिल्म की घोषणा के समय से ही, ट्रेड पंडितों ने उम्मीद की थी कि फिल्म कैसी भी हो, इसका ओपनिंग डे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन इतिहास रच देगा.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ एक ऐसी फिल्म थी, जिसे बनने में लगभग 5 से 6 साल लगे थे. कहा जाता है कि इस फिल्म की शूटिंग 1990 के दशक के आखिर में शुरू हुई थी. प्रोडक्शन में देरी, गानों की शूटिंग के शेड्यूल और स्टार्स के पर्सनल कमिटमेंट्स की वजह से प्रोजेक्ट में देरी होती रही. आम तौर पर जब कोई फिल्म इतने लंबे समय तक लेट हो जाती है, तो ट्रेड उसे ‘बासी’ या ‘आउटडेटेड’ मान लेता है, लेकिन यह एक अलग कहानी थी. जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज में देरी हुई, शाहरुख और सलमान को साथ देखने के लिए दर्शकों की चाहत बढ़ती गई.

फिल्म की कहानी ‘करण अर्जुन’ जैसी पारंपरिक भाईचारे की कहानी नहीं थी, बल्कि एक मुश्किल शादीशुदा और पारिवारिक ड्रामा थी. फिल्म में शाहरुख खान ने गोपाल का रोल किया, जो एक अमीर बिजनेस टाइकून है और अपनी पत्नी राधा (माधुरी दीक्षित) से बहुत प्यार करता है, लेकिन उसमें एक अजीब सी पजेसिवनेस और इनसिक्योरिटी की भावना है. दूसरी ओर, सलमान खान ने सूरज का रोल किया, जो एक बड़ा पॉप स्टार और राधा का बचपन का सबसे अच्छा दोस्त है. राधा और सूरज की बेबाक दोस्ती गोपाल के लिए कांटा बन जाती है और यहीं से फिल्म का असली ड्रामा शुरू होता है. एक शक करने वाले और पजेसिव पति के गुस्से और अंदर की उथल-पुथल को शाहरुख खान ने जिस तरह से दिखाया, उसने दर्शकों को हैरान कर दिया. वहीं, सलमान खान ने उनके चंचल, लेकिन वफादार दोस्त के रोल में एक शांत और मैच्योर परफॉर्मेंस दी, जिससे फिल्म के टेंशन को पूरी तरह से बैलेंस किया.
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फिल्म का एक और बड़ा प्लस प्वाइंट इसका स्टार-ट्रायंगल था. शाहरुख और सलमान के बीच इस झगड़े के सेंटर में बॉलीवुड की ‘धक-धक गर्ल’ माधुरी दीक्षित थीं. राधा के रोल में माधुरी ने एक भारतीय महिला और दोस्त की उलझन को दिखाया, जो लगातार अपने पति की इज्जत और दोस्त के हक के बीच फंसी रहती है. इन तीनों A-लिस्टर्स को एक साथ देखना दर्शकों के लिए सच में एक अच्छा एक्सपीरियंस था.

इसके अलावा, फिल्म का म्यूजिक अपने जमाने के सबसे अच्छे चार्टबस्टर्स में से एक बन गया. हालांकि, म्यूजिक किसी एक कंपोजर ने नहीं बल्कि नदीम-श्रवण, साजिद-वाजिद, डब्बू मलिक और निखिल-विनय जैसे बड़े नामों ने मिलकर बनाया था. फिल्म के गाने जैसे- ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ और ‘सब कुछ भुला दिया’ आज भी रेडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खूब सुने जाते हैं. गानों की पॉपुलैरिटी ने थिएटर में बार-बार आने वाले दर्शकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी की.

जब फिल्म 24 मई 2002 को थिएटर में आई, तो इसने पूरे देश के बॉक्स ऑफिस पर कब्जा कर लिया. क्रिटिक्स ने भले ही इसके डायरेक्शन और एडिटिंग की थोड़ी बुराई की हो, लेकिन दर्शकों के जबरदस्त रिस्पॉन्स ने उन सभी रिव्यूज को पीछे छोड़ दिया. फिल्म ने साल की सबसे बड़ी ओपनिंग में से एक रिकॉर्ड की.

खासकर नॉर्थ इंडिया, बिहार, उत्तर प्रदेश और मुंबई सर्किट में फिल्म के शो सुबह से देर रात तक फुल रहे. ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ 2002 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई. शाहरुख खान के नाम ने भी फिल्म को ओवरसीज मार्केट में एक बड़ी कमर्शियल सक्सेस दिलाई. यह साल 2002 की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनकर उभरी थी.

