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1989 में 80 के दशक की सुपरहिट जोड़ी पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म दाता आई थी. इस फिल्म ने पर्दे पर तहलका मचा दिया था. इसका एक गाना आज भी दर्शकों के बीच अमर है. ये गाना सुनते ही आज भी लोग सिसक-सिसककर रोने लग जाते हैं. ये गाना किशोर कुमार की आवाज में ‘बाबुल का घर बहना’ है जो गीतकार का आखिरी गीत साबित हुआ. किशोर कुमार फिल्म की रिलीज से 2 साल पहले ही दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन उनका आखिरी गीत आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है.
नई दिल्ली. साल 1989 की वो सुपरहिट फिल्म,जिसमें पद्मिनी कोल्हापुरे ने लीड रोल अदा किया था. उस दौर में बॉलीवुड का सुपरस्टार रहा एक्टर उनके हीरो के तौर पर नजर आया था. फिल्म में डायरेक्टर ने एक्शन, रोमांस और इमोशन का ऐसा जबरदस्त कॉम्बो परोसा था कि सिनेमाघरों में तहलका ही मच गया. फिल्म जबरदस्त हिट रही थी और इसके एक गाने का खुमार तो आज तक दर्शकों के सिर से नहीं उतरा है. ये फिल्म पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती स्टारर दाता है और इसका वो गाना जिसकी यहां बात कर रहे हैं वो- बाबुल का ये घर बहना है. आज भी इस गाने को सुनते ही हर बाबुल और हर भाई सिसक उठता है.
बाबुल का ये घर बहना एक्ट्रेस पल्लवी जोशी पर फिल्माया गया था जो फिल्म दाता में मिथुन चक्रवर्ती की बहन के रोल में दिखी थीं. उन्होंने बहन का किरदार अदा किया था जिसकी शादी पर पूरा घर फूट-फूटकर रोने लगता है. इस गाने को किशोर कुमार और अल्का याग्निक ने मिलकर गाया था. दोनों की आवाज में ये गाना सुनते ही लगता है कि बस कलेजा फटकर भाई का दिल बाहर निकल आएगा.
किशोर कुमार का आखिरी गीत हो गया था अमर
किशोर कुमार अपनी आवाज से दिलों को छू जाने का हुनर रखते थे और इस गाने से वो एक बार फिर अपना लक्ष्य हासिल करने में सफल रहे थे. ‘दाता’ का ये गाना किशोर कुमार की जिंदगी का आखिरी गीत था. उन्होंने मौत से पहले इस गाने को रिकॉर्ड किया था, लेकिन फिल्म किशोर दा के गुजर जाने के 2 साल बाद रिलीज हुई थी. 1987 में किशोर कुमार का निधन हो गया था और 1989 में मिथुन चक्रवर्ती और पद्मिनी कोल्हापुरे स्टारर दाता रिलीज हुई थी.
आज भी सुनते ही सिसक पड़ते हैं लोग
किशोर कुमार ने रो-रोकर रिकॉर्ड किया था गाना
इस गाने को किशोर कुमार के आखिरी गीत के तौर पर भी याद किया जाता है. इस गाने को रिकॉर्ड करते हुए किशोर कुमार बार-बार रोने लग जाते थे. उन्होंने सिसक-सिसक के इस गीत को रिकॉर्ड किया था और आज भी ये हिंदी सिनेमा में विदाई के सबसे बेहतरीन गीतों में से एक है.

प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें
प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है… और पढ़ें

