भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का कारोबारी दिन उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है. गिफ्ट निफ्टी में हल्की मजबूती दिख रही है, लेकिन अमेरिका और एशिया के बाजारों में गिरावट से घरेलू बाजार पर दबाव बन सकता है. सुबह 7 बजे गिफ्ट निफ्टी करीब 57 अंक चढ़कर 24,347 के आसपास कारोबार करते हुए नजर आया. इसका संकेत है कि सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हो सकती है.
गुरुवार को घरेलू बाजार ने लगातार सात कारोबारी सेशन की गिरावट पर ब्रेक लगाया था. सेंसेक्स 628 अंक की बढ़त के साथ 77,537 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 154 अंक चढ़कर 24,231 के स्तर पर पहुंच गया. अब शुक्रवार को निवेशकों की नजर ग्लोबल मार्केट, कच्चे तेल, सोने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड समेत कई अहम संकेतों पर रहेगी.
गिफ्ट निफ्टी से बाजार को शुरुआती सहारा
गिफ्ट निफ्टी में तेजी भारतीय बाजार के लिए शुरुआती तौर पर अच्छी खबर है. यह करीब 24,347 के स्तर पर है. इससे संकेत मिल रहा है कि शुक्रवार को निफ्टी और सेंसेक्स की शुरुआत मजबूत हो सकती है. हालांकि, दिन के कारोबार में ग्लोबल संकेत बाजार की चाल बदल सकते हैं.
अमेरिका और एशिया के बाजारों में गिरावट
अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुआ. डाउ जोन्स 1.32 फीसदी, नैस्डेक 1 फीसदी और एसएंडपी 500 करीब 0.87 फीसदी टूट गया. अमेरिकी बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी रही.
एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार सुबह दबाव देखने को मिला. निक्कई करीब 0.82 फीसदी और ताइवान इंडेक्स 0.34 फीसदी नीचे रहा. कोस्पी में भी हल्की गिरावट आई, जबकि शंघाई इंडेक्स करीब 0.03 फीसदी फिसला. वहीं, हैंगसेंग करीब 0.80 फीसदी ऊपर कारोबार करता दिखा.
बॉन्ड यील्ड और अमेरिका-ईरान तनाव पर नजर
अमेरिकी 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर करीब 4.7 फीसदी पहुंच गई है. यील्ड बढ़ने से शेयर बाजार में निवेशकों का उत्साह कम हो सकता है, क्योंकि बॉन्ड में निवेश बढ़ जाता है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी बाजार के लिए अहम बना हुआ है. अमेरिका की ओर से ईरान पर सख्त प्रतिबंध लगाए जाने से आगे तनाव बढ़ने की चिंता है. इसका असर तेल की कीमतों और महंगाई की उम्मीदों पर पड़ सकता है.
क्रूड ऑयल फिर बना चिंता की वजह
कच्चे तेल की कीमत अभी भी हाई लेवल पर बनी हुई है. ब्रेंट क्रूड करीब 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. तेल महंगा रहने से भारत के लिए आयात का खर्च बढ़ सकता है. इसका असर रुपये, महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है. इसलिए आज बाजार की नजर क्रूड की कीमतों पर भी रहेगी.
4,500 डॉलर के पार सोना
सोने की कीमत 4,500 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बनी हुई है. कमजोर डॉलर और वैश्विक तनाव के बीच सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर सहारा मिल रहा है. इससे पता चलता है कि निवेशक अभी भी बाजार में रिस्क को लेकर पूरी तरह सहज नहीं हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक मौजूदा माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए. मजबूत शेयरों और बेहतर परफॉर्म करने वाले सेक्टर पर ध्यान देना और रिस्क को कंट्रोल रखना बेहतर स्ट्रैटजी हो सकती है.

