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CEC Gyanesh Kumar: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान किया. आधार को पहचान का प्रमाण बताया और राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देने से इनकार कर दिया.
नई दिल्ली. बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से शुरू हुई और पारदर्शी तरीके से ही यह खत्म हुई. मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बिहार चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान करते हुए कहा कि आधार को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि ‘आधार’ न तो नागरिकता का प्रमाण और न ही जन्मतिथि का प्रमाण, बल्कि आधार सिर्फ पहचान का प्रमाण है. उन्होंने चुनाव आयोग (ईसी) और खुद पर राहुल गांधी के हमले को लेकर भी सवालों के जवाब दिए. राहुल गांधी और विपक्ष से जुड़े न्यूज़18 इंडिया के सवाल के जवाब में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा, “राजनीतिक बयानबाजी पर चुनाव आयोग रिएक्ट नहीं करता और लोकतंत्र में ये चलता है.”
इससे पहले, सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार की सभी 243 सीट पर दो चरण में चुनाव होंगे. पहले चरण के लिए 6 नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी. वहीं, चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि चुनाव को लेकर आयोग ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं. चुनाव में हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही फेक न्यूज पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी.
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़ है. इनमें लगभग 3.92 करोड़ पुरुष और करीब 3.50 महिला मतदाता हैं. उन्होंने बताया कि 1,725 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. करीब 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता, 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी वोटर सूची में हैं, जबकि 100 साल के अधिक उम्र की मतदाताओं की संख्या 14 हजार है. फर्स्ट टाइम वोटर लगभग 14 लाख हैं.
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है. तमाम राजनीतिक दलों ने आयोग से छठ महापर्व के तुरंत बाद चुनाव कराने की अपील की थी, ताकि अधिक से अधिक संख्या में लोग अपने मत का इस्तेमाल कर सकें.

