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Petrol Price Update : 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई, लेकिन यह कंपनियां को घाटे से उबारने के लिए काफी नहीं है. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में एक बार फिर तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है.
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आगे और उछाल आ सकता है.
नई दिल्ली. पेट्रोल-डीजल के दाम 3 रुपये लीटर बढ़ गए हैं. अगर आपको लगता है कि यही अंतिम बढ़ोतरी है तो खबरदार हो जाएं. आने वाले समय में तेल के दाम और बढ़ सकते हैं. माना जा रहा है कि तेल कंपनियों का घाटा पाटने के लिए अभी और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है. आंकड़े बताते हैं कि अभी करीब 16 फीसदी दाम और बढ़ेंगे, तब जाकर कंपनियों के घाटे की पूर्ति होगी. इसका मतलब है कि ज्यादातर राज्यों में पेट्रोल की कीमत 100 के पार जा सकती है.
मनीकंट्रोल ने अपने विश्लेषण में बताया है कि पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत बढ़ी तो है, लेकिन अभी उतनी नहीं बढ़ी जितना कि कंपनियों पर दबाव पड़ रहा है. 15 मई को पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम 3 रुपये प्रति लीटर बए गए हैं. पश्चिम एशिया में जारी संकट का दबाव बढ़ने के बाद करीब 4 साल में यह पहली बढ़ोतरी है. हालांकि, इस बढ़ोतरी के बावजूद कंपनियों को रोजाना होने वाला घाटा सिर्फ कम हुआ है, खत्म नहीं हुआ.
क्या है तेल और क्रूड का गणित
जुलाई, 2025 में इंडियन बास्केट वाले क्रूड का भाव 70.95 डॉलर प्रति बैरल था. तब पेट्रोल की कीमत 52.09 रुपये प्रति लीटर थी, जिस पर केंद्र सरकार 22.88 रुपये का सीमा और उत्पाद शुल्क वसूलती थी, जबकि राज्यों को प्रति लीटर 15.40 रुपये वैट मिलता था और डीलर का कमीशन 4.40 रुपये था. अब इंडियन बास्केट का क्रूड ऑयल 61 फीसदी बढ़कर 113.99 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है, जबकि रुपया भी पिछले साल के 87.51 के लेवल से बढ़कर 94.84 के स्तर पर पहुंच गया है. डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से क्रूड की कीमतों में कुल उछाल करीब 74 फीसदी पहुंच गया है.
आगे कहां जाएगा पेट्रोल का दाम
केंद्र सरकार ने कीमतों को काबू में रखने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क वसूलना बंद कर दिया है, जबकि सरकारी तेल कंपनियों ने भी ज्यादातर कीमतों को खुद वहन कर लिया है. इस लिहाज से देखा जाए तो डीलर की कॉस्ट प्रति लीटर 77.6 रुपये पहुंच गई है. एनालिस्ट का कहना है कि अगर क्रूड 125 डॉलर प्रति बैरल तक जाता है तो यह जुलाई, 2025 के मुकाबले करीब 91 फीसदी की बढ़ोतरी होगी. इस कीमत पर कंपनियों का नुकसान पेट्रोल पर प्रति लीटर 21.48 रुपये पहुंच जाएगा तो डीजल पर 28.58 रुपये प्रति लीटर होगा. ऐसे में पेट्रोल की कीमतों में 12.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 19.82 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा सकती है.
अभी कितना हो रहा कंपनियों का घाटा
पेट्रोल और डीजल पर अभी तेल कंपनियों को प्रति लीटर बड़ा घाटा हो रहा है. हर महीने का घाटा 55 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. कंपनियों को पेट्रोल पर 14 रुपये लीटर तो डीजल पर 42 रुपये लीटर का घाटा हो रहा है. हर दोनों की कीमतों में 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है तो हर महीने करीब 50,450 करोड़ रुपये की रिकवरी हो सकती है, जो 5 हजार करोड़ महीने की सेविंग करा सकता है. अगर 4 रुपये और बढ़ते हैं तो कंपनियों का घाटा 43,828 करोड़ तक आ सकता है, जबकि 7 रुपये की बढ़ोतरी होने पर यह रिकवरी 38,863 करोड़ रुपये रहेगी. इससे लग रहा है कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखने को मिल सकता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

