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Tata Chemicals : भारतीय कंपनी टाटा केमिकल्स ने केन्या सरकार के दबाव में वहां के शहर में अपना कामकाज क्या बंद किया, लोगों के सामने पानी और पैसों की भयंकर कमी आ गई. इस शहर के लोगों का कहना है कि जब तक कंपनी का कामकाज शुरू नहीं हो जाता, तब तक सरकार को पानी की कमी दूर करने के उपाय करने चाहिए.
टाटा केमिकल्स के बंद होने से केन्या में आर्थिक संकट पैदा हो गया है.
नई दिल्ली. टाटा समूह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य देशों में अपने कारोबार से आम आदमी को रोजगार और जरूरत की चीजें मुहैया कराती है. ऐसा ही एक देश है केन्या के जिसके शहर काजियाडो में टाटा समूह की कंपनी टाटा केमिकल्स मगाडी काफी बड़ा कारोबार कर रही थी, लेकिन केन्या की सरकार ने उसके कामकाज पर रोक लगा दी. कंपनी के बंद होते ही शहर की इकनॉमी भी घुटनों पर आ गई और वहां के लोग जरूरी चीजों के लिए भी मोहताज होने लगे. टाटा ने केन्या के इस शहर की पोल भी खोलकर दी कि किस तरह एक शहर के लोग एक ही कॉरपोरेट कंपनी पर निर्भर थे.
CNN-News18 ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि केन्या सरकार द्वारा ‘टाटा केमिकल्स मगाडी’ के कामकाज को अनिश्चित काल के लिए रोके जाने से काजियाडो शहर में मानवीय और सामाजिक-आर्थिक संकट पैदा हो गया है. इससे यह बात खुलकर सामने आ गई है कि स्थानीय समुदाय की नौकरियों, पैसे के लेन-देन और पानी जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के लिए यह शहर किस हद तक एक ही कॉर्पोरेट कंपनी पर निर्भर है. विश्लेषण रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे इस कंपनी पर हुई कार्रवाई ने मगाडी में बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर कर दिया है, जहां कंपनी का कामकाज स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की जरूरी सेवाओं के साथ गहराई से जुड़ा था.
Dear President Ruto,
🌻Stop going low, petty and personal on Tata Chemicals. They drilled that water. They pay the power bill that runs it. They built the hospital.
🌻That’s not “blackmail” — that’s a company that invested, not one that owes you a favour.
🌻You don’t order a… pic.twitter.com/MI8pwYS0vL

