नई दिल्ली1 घंटे पहले
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जंतर-मंतर के पास पार्लियामेंट्री स्ट्रीट थाने के बाहर पत्रकारों ने शनिवार देर रात तक प्रदर्शन किया।
दिल्ली में जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार ने दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी पर बदसलूकी का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लेने के दौरान ACP विवेक भगत ने उसके सीने पर हाथ मारा और धक्का देकर वहां से भाग गया।
रात करीब 11 बजे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने महिला पत्रकार का वीडियो शेयर किया। वीडियो में महिला कहती है कि वह साढ़े 3 घंटे से वहां बैठी हैं, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं की जा रही है। FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर सैकड़ों पत्रकार पार्लियामेंट्री स्ट्रीट थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने X पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। उन्होंने कहा- पूरी दिल्ली की महिलाएं, छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं, सत्याग्रह कर रही हैं। दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है। अमित शाह को जवाब देना चाहिए।

CJP बोली- पुलिस ने FIR दर्ज करने से इनकार किया
वहीं CJP ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न के मामले में FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज करने से पहले वह CCTV फुटेज की जांच करेगी।
CJP ने पूछा कि क्या दिल्ली पुलिस गंभीर शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय ACP को बचा रही है। साथ ही रविवार सुबह 11 बजे लोगों से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जुटने की अपील भी की।
लगातार दूसरे दिन जंतर-मंतर पहुंचे प्रदर्शनकारी, करीब 200 हिरासत में
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शनिवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शनकारी पहुंचे। इनमें AISA समेत छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग शामिल थे।
इस दौरान करीब 200 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी पटेल चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च करते हुए पहुंचे। जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने बैरिकेड लगाए थे और अतिरिक्त जवान तैनात किए थे।
प्रदर्शन की 5 तस्वीरें…

पुलिसकर्मियों ने AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिया।

पुलिस प्रदर्शनकारियों को बसों की खिड़कियों से उठाकर अंदर डालती दिखी।

प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी हुई।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सोशल एक्टिविस्ट योगेंद्र यादव को भी हिरासत में लिया।

दिल्ली पुलिस के जवान कई प्रदर्शनकारियों को हाथ-पैर से उठाकर ले जाते दिखे।
शुक्रवार को करीब 1,000 लोग हिरासत में लिए गए थे
इससे पहले 2 सितंबर को जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में इनमें से कई लोगों को छोड़ दिया गया। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के प्रदर्शन को लेकर कम से कम 3 FIR दर्ज कीं। इनमें 2 पार्लियामेंट स्ट्रीट और 1 कनॉट प्लेस थाने में दर्ज हुई।
मामलों में आदेश की अवहेलना, सरकारी काम में बाधा और सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल के इस्तेमाल से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। बिना लिखित अनुमति 5 या उससे ज्यादा लोगों के जुटने, जुलूस, प्रदर्शन और धरने पर रोक थी।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल
दिल्ली में यह प्रदर्शन चुनाव आयोग को लेकर इंडियन एक्सप्रेदस की एक रिपोर्ट सामने आने के बाद हो रहा है। रिपोर्ट में बताया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों ने कहा था कि ये फैसले और आदेश उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। SIR प्रक्रिया को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे हैं।
आयोग ने कहा है कि किसी भी संस्था में चर्चा के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां सामान्य बात हैं। EC ने कहा कि उसके सभी आदेशों को पूरा कानूनी आधार हासिल है। आयोग के मुताबिक, ये आदेश तय कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जारी किए गए हैं।

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