Wednesday, July 1, 2026
Homeटेक्नोलॉजीनए FCRA 2.0 पोर्टल में क्या है बदलाव? बिना पेपर के होंगे...

नए FCRA 2.0 पोर्टल में क्या है बदलाव? बिना पेपर के होंगे हर काम


केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने FCRA 2.0 पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड है और एडवांस फीचर से लैस है। इस नए पोर्टल में कई तरह के बदलाव किए गए हैं, जिसकी वजह से सिटिजन सर्विस बेहतर होगी। इस नए पोर्टल का डेटा क्लाउड बेस्ड सर्वर मेघराज पर स्टोर होगा, जिसकी वजह से इसके चोरी होने की गुंजाइश न के बराबर होगी। सरकार आने वाले कुछ महीनों में इसका मोबाइल ऐप भी लॉन्च करने वाली है। यही नहीं, इसके लिए एआई ऑपरेटेड चैटबॉट और बैंकों के लिए एक डेडिकेटेड डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा।

नए FCRA 2.0 पोर्टल में क्या है खास?

इस नए पोर्टल को फॉरेन कंट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट के तहत कंप्लायेंस को सरल बनाने के लिए डेवलप किया गया है। इसमें पोर्टल पर प्राप्त हुए आवेदन, रिनुअल्स, वार्षिक रिटर्न और अन्य सर्विस को फुली डिजिटलाइज्ड किया गया है यानी अब लोगों को किसी भी तरह के पेपरवर्क की जरूरत नहीं होगी।

  • इस पोर्टल में रजिस्ट्रेशन, रिनुअल्स और वार्षिक रिटर्न फाइल या अन्य चीजों के लिए किसी भी तरह के पेपरवर्क की जरूरत नहीं होगी। यह एंड-टू-एंड पेपरलेस प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा।
  • इसमें सरकार ने एडवांस टेक्नोलॉजी को इंटिग्रेट किया है, जिनमें आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन, ई-सिग्नेचर और डॉक्यूमेंट्स के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रेकोग्निशन (OCR) आदि शामिल हैं। ऐसे में फर्जी डॉक्यूमेंट्स को इस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा सकेगा।
  • यही नहीं, नया FCRA 2.0 पोर्टल PAN, आधार, NGO दर्पण, बैंक और ICAI के UDIN सिस्टम के साथ डेटाबेस शेयर करेगा। ऐसे में वेरिफिकेशन आसान हो जाएगा।
  • साथ ही, इसके डैशबोर्ड को भी इन्हांस किया गया है, ताकि इसके जरिए आने वाली फंडिंग्स को आसानी से मॉनिटर किया जा सके।

अन्य फीचर्स की बात करें तो यह पोर्टल पूरी तरह से जियोग्राफिकल ट्रैकिंग से लैस है, जिसमें डोनर के लोकेशन को ट्रैक किया जा सकेगा और उसे ट्रेस करना आसान होगा। यही नहीं, इस पोर्टल पर आवेदन करने वाले NGO को अपने सोशल मीडिया हैंडल, एक्टिव वेबसाइट समेत अन्य जानकारियां अपलोड करनी होगी।

सरकार का नया FCRA 2.0 पोर्टल NGO को मिलने वाले विदेश चंदे को रियल टाइम में मॉनिटर करने की सहूलियत देगा। साथ ही, फंड कहां से मिल रहा है उसके लोकेशन की ट्रेसिंग भी आसानी से हो सकेगी। इस पोर्टल में क्लाउड और एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।

यह भी पढ़ें – साइबर क्राइम पोर्टल की फर्जी वेबसाइट बनाकर हो रही ठगी, सरकार ने जारी की चेतावनी





Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments