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प्रोजेक्ट 75I भारतीय नौसेना की वह महात्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत 43,000 करोड़ की लागत से 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियां बनाई जाएंगी. AIP तकनीक से लैस ये अदृश्य शिकारी बिना सतह पर आए 3 सप्ताह तक पानी के नीचे रह सकते हैं. ब्रह्मोस-NG और VLS सिस्टम से लैस 3,000 टन की ये पनडुब्बियां हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान की हर चुनौती को नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती हैं.
भारत सरकार इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रही है
नई दिल्ली: पाताल से बंकरों पर वार करेगी भारत की नई ‘अदृश्य’ पनडुब्बी. 21 दिन तक पानी में छिपे रहने वाली इस महाशक्ति के लिए राजनाथ सिंह जर्मनी के साथ डील फाइनल कर रहे हैं. हिंद महासागर की गहराइयों में अब एक ऐसा साइलेंड किलर उतरने जा रहा है जिसकी रफ़्तार और खामोशी दुश्मन के रडार के लिए एक अबूझ पहेली बन जाएगी. भारत का ‘प्रोजेक्ट 75I’ केवल छह पनडुब्बियों का निर्माण नहीं है बल्कि समंदर के सुल्तान बनने की दिशा में एक ऐसा प्रहार है जो चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ाने के लिए काफी है. यह कोई साधारण पनडुब्बी नहीं बल्कि पानी के नीचे हफ्तों तक सांस लेने वाला वो योद्धा है जो ब्रह्मोस की ताकत से लैस होकर पाताल से ही आकाश तक तबाही मचाने की क्षमता रखता है. जब दुनिया की सबसे शांत और घातक AIP तकनीक भारतीय इंजीनियरिंग के साथ हाथ मिलाएगी तब समंदर की लहरों के नीचे भारत की वो शक्ति जन्म लेगी, जो न सिर्फ रक्षा करेगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर काल बनकर टूटेगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अप्रैल 2026 की जर्मनी यात्रा के बाद भारत और जर्मनी के बीच इस सौदे पर मुहर लगने की संभावना प्रबल हो गई है. जर्मनी की कंपनी ThyssenKrupp Marine Systems (TKMS) और स्पेन की Navantia इस रेस में सबसे आगे हैं.
प्रोजेक्ट 75I: मुख्य विशेषताएं और तकनीकी विवरण
| विशेषता | विवरण (संभावित आंकड़े) |
|---|---|
| प्रकार | डीजल-इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन (SSK) |
| वजन (Displacement) | लगभग 3,000 टन (कलवरी क्लास से लगभग दोगुनी बड़ी) |
| मुख्य तकनीक | AIP (Air-Independent Propulsion) – ईंधन सेल आधारित |
| पानी के नीचे रहने की क्षमता | 14 से 21 दिन तक लगातार (बिना सतह पर आए) |
| रेंज (Range) | 10,000+ समुद्री मील (Surface), 400-500 मील (Submerged with AIP) |
| अधिकतम गहराई | 350-400 मीटर से अधिक |
| पेलोड / हथियार / मिसाइल | 18 टॉरपीडो/मिसाइलें (6 टॉरपीडो ट्यूब) + VLS (संभावित ब्रह्मोस-NG) |
हथियार और मिसाइल सिस्टम
1. ब्रह्मोस-NG का एकीकरण: इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत Vertical Launch System (VLS) हो सकती है. इसके जरिए पनडुब्बी पानी के अंदर से ही BrahMos-NG (सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल) दाग सकेगी, जो दुश्मन के जहाजों और जमीन पर ठिकानों को तबाह करने में सक्षम है.
2. भारी टॉरपीडो: इसमें अगली पीढ़ी के ‘वायर-गाइडेड’ भारी वजन वाले टॉरपीडो होंगे जो एंटी-शिप और एंटी-सबमरीन ऑपरेशंस के लिए घातक हैं.
3. लैंड अटैक क्षमता: यह केवल जहाजों को ही नहीं बल्कि जमीन पर मौजूद दुश्मन के बंकरों और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की क्षमता रखेगी.
क्यों है यह ‘सुपर वेपन’?
• अदृश्य रहने की शक्ति (Stealth): AIP तकनीक की वजह से इसे बैटरी चार्ज करने के लिए बार-बार सतह पर आकर ऑक्सीजन लेने की जरूरत नहीं होगी. इससे दुश्मन के रडार और सैटेलाइट इसे पकड़ नहीं पाएंगे.
• मेक इन इंडिया (60% स्वदेशी): पहली पनडुब्बी में 45% स्वदेशी सामान होगा, जो छठी तक पहुंचते-पहुंचते 60% हो जाएगा. यह भारत को भविष्य में खुद पनडुब्बी बनाने में सक्षम बनाएगा.
• चीन-पाकिस्तान पर बढ़त: पाकिस्तान की ‘हांगोर क्लास’ (चीन निर्मित) पनडुब्बियों के मुकाबले, जर्मनी की तकनीक (जो P-75I में आने की संभावना है) बहुत शांत और गहरी गोता लगाने वाली है.
प्रोजेक्ट 75I बनाम प्रोजेक्ट 75 (कलवरी क्लास)
| फीचर | प्रोजेक्ट 75 (पुरानी) | प्रोजेक्ट 75I (नई) |
|---|---|---|
| सबमर्जेंस टाइम | 2-3 दिन (लगातार) | 14-21 दिन (लगातार) |
| आकार | छोटी (1,700 टन) | बड़ी (3,000 टन) |
| मिसाइल | केवल ट्यूब से लॉन्च (Exocet) | VLS के साथ ब्रह्मोस क्षमता |
| AIP तकनीक | निर्माण के समय नहीं था | इन-बिल्ट (शुरुआत से ही) |
सवाल-जवाब
प्रोजेक्ट 75I में ‘I’ का क्या मतलब है?
‘I’ का अर्थ है India. यह प्रोजेक्ट 75 का विस्तार है, जिसे विशेष रूप से भारतीय नौसेना की जरूरतों और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत डिजाइन किया गया है.
क्या यह परमाणु पनडुब्बी (Nuclear Submarine) है?
नहीं, यह एक पारंपरिक (Conventional) पनडुब्बी है, लेकिन AIP तकनीक के कारण इसकी क्षमता काफी हद तक परमाणु पनडुब्बी जैसी हो जाती है, साथ ही यह उनसे ज्यादा शांत होती है.
इस प्रोजेक्ट का बजट कितना है?
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 43,000 करोड़ रुपये (लगभग 5.2 बिलियन डॉलर) है, जो भारत के सबसे बड़े रक्षा सौदों में से एक है.
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें

