Saturday, April 11, 2026
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फायरिंग, विस्फोट, क्लोज कॉम्बैट में माहिर; दुश्मन की जमीन पर तबाही के लिए तैयार IAF के गरुड़ कमांडो


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IAF Garud Commando: भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडो ने चांदीनगर में कठोर प्रशिक्षण पूरा किया. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में उनकी भूमिका अहम रही थी. ‘गरुड़ कमांडो’ ने युद्धक फायरिंग, बंधकों के बचाव, फायरिंग ड्रिल, विस्फोटक सामग्री पर हमला, बाधा पार करना, दीवार पर चढ़ना, रेंगना, रस्सियों से उतरना और सैन्य मार्शल आर्ट जैसे विभिन्न कौशल का प्रदर्शन किया.

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद गरुड़ फोर्स और धारदार हो गई है.

नई दिल्ली. भारतीय वायु सेना की ‘गरुड़’ फोर्स के विशेष कमांडो कर्मियों का प्रशिक्षण पूर्ण हो गया है. बदलते सुरक्षा माहौल के अनुरूप इस प्रशिक्षण में गरुड़ कमांडो को कठोर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है. गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की भूमिका रेखांकित की है. इसको देखते हुए, यह विशेष बल संचालक खास अभियानों को अंजाम देने में भारतीय वायु सेना को और मजबूत करेंगे. वायुसेना के ये कमांडो दुश्मन के हवाई क्षेत्रों में घुसपैठ कर उन्हें नष्ट करने, रडार सिस्टम को ध्वस्त करने, आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने और स्पेशल ऑपरेशंस में प्रशिक्षित हैं. भारतीय वायुसेना के ‘गरुड़ कमांडो’ कई युद्ध कलाओं में पारंगत हैं.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक गरुड़ कमांडो को युद्धक फायरिंग के साथ-साथ बंधक बनाए गए लोगों के बचाव व फायरिंग ड्रिल का प्रशिक्षण दिया गया है. अपने पासिंग आउट समारोह के दौरान, ‘गरुड़ कमांडो’ ने युद्धक फायरिंग, बंधकों के बचाव, फायरिंग ड्रिल, विस्फोटक सामग्री पर हमला, बाधा पार करना, दीवार पर चढ़ना, रेंगना, रस्सियों से उतरना और सैन्य मार्शल आर्ट जैसे विभिन्न कौशल का प्रदर्शन किया. प्रशिक्षण के सफल समापन के उपलक्ष्य में, गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर (जीआरटीसी), वायु सेना स्टेशन चांदीनगर में मैरून बेरेट औपचारिक परेड का आयोजन किया गया.

वायु सेना संचालन के सहायक प्रमुख (वायु रक्षा) ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में परेड का निरीक्षण किया. यहां गरुड़ रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और उन्हें प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. मुख्य अतिथि ने गरुड़ कमांडो को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई दी. युवा कमांडो को संबोधित करते हुए उन्होंने तेजी से बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप कठोर प्रशिक्षण और विशेष बलों के कौशल को निखारने के महत्व पर जोर दिया.

उन्होंने सफल गरुड़ प्रशिक्षुओं को मैरून बेरेट, गरुड़ प्रोफिशिएंसी बैज और विशेष बल टैब प्रदान किए और पुरस्कार विजेताओं को ट्रॉफियां दी. मैरून बेरेट औपचारिक परेड ‘गरुड़ कमांडो’ के लिए गौरव और उपलब्धि का क्षण है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक अत्यंत कठिन प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन है. यह विशिष्ट ‘गरुड़’ बल में शामिल ‘युवा विशेष बल संचालकों’ के रूप में उनके परिवर्तन का प्रतीक है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की भूमिका को देखते हुए, उत्तीर्ण हुए ये युवा विशेष अभियानों में भारतीय वायु सेना की क्षमता को और मजबूत करेंगे.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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दुश्मन की जमीन पर तबाही के लिए तैयार IAF के गरुड़ कमांडो



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