शहर के सबसे हरे-भरे आवासीय इलाकों शिवाजी नगर, तुलसी नगर, चार इमली और 74 बंगले की तस्वीर बदलने की तैयारी है। हाउसिंग बोर्ड ने इन इलाकों के 4,537 सरकारी मकानों के रीडेवलपमेंट का नया प्लान तैयार किया है। पुराने क्वार्टरों की जगह 75 मीटर यानी करीब 23 मंजिल तक ऊंची इमारतें बनाने का प्रस्ताव है। पूरे इलाके को कछुए के आकार में विकसित करने का कॉन्सेप्ट तैयार किया है। इसे ‘कूर्म मंडल’ या ‘टॉरटॉइज सिटी’ नाम दिया गया है। प्लान के मुताबिक करीब 500 एकड़ के पूरे इलाके में सिर्फ 30% जमीन पर निर्माण होगा। बाकी हिस्से में बड़े पार्क, हरियाली से घिरी सड़कें, पैदल रास्ते और खुली जगहें होंगी। मकसद बहुमंजिला इमारतों से जमीन का बेहतर उपयोग और हरियाली बढ़ाना है। अभी इस इलाके में करीब 40 हजार पेड़ हैं। इन पेड़ों को अधिकतम बचाते हुए विकास का प्रस्ताव है। 26 को साधिकार समिति में…
12 जून को अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक के 16 सुझावों के आधार पर प्लान तैयार किया गया। आगे विस्तृत योजना बनेगी। 26 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति में इस पर चर्चा होगी। यूरोप के शहरों जैसा विकास
हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन ओम जैन के मुताबिक सीएम की मंशानुरूप भोपाल को यूरोप के शहरों की तरह ऐसे डेवलप करना है, जहां हरियाली के बीच लोग रहें। इसी कॉन्सेप्ट पर यह प्लान बनाया है। जल्द सारी औपचारिकताएं पूरी कराएंगे। यह है कूर्म मंडल का कॉन्सेप्ट हिंदू मान्यता में भगवान विष्णु के दूसरे अवतार कूर्म यानी कछुए को स्थिरता, संतुलन और सुरक्षा का प्रतीक माना है। इसी कॉन्सेप्ट पर तैयार डिजाइन में कछुए का सिर शासन और नेतृत्व का प्रतीक होगा। कवच वाले हिस्से में आवासीय इमारतें और बीच में बड़ा पार्क होगा। अन्य हिस्सों में बाजार व जरूरी सुविधाएं होंगी। बड़ा आकर्षण… सेंट्रल पार्क, चारों ओर हाईराइज बिल्डिंग
मुख्य आकर्षण बीच में बनने वाला सेंट्रल पार्क होगा। इसके चारों ओर हाईराइज रेसीडेंशियल भवन होंगे। लिंक रोड नंबर 1, 2 और 3 के आसपास ग्रीन कॉरिडोर विकसित होगा। मेन रोड के किनारे बाजार और दुकानों के लिए जगह होगी। मौजूदा स्कूल, अस्पताल, निगम मुख्यालय और दूसरे प्रमुख भवनों को बनाए रखते हुए आसपास विकास होगा। टीओडी… यानी हर सुविधा वॉ़किंग डिस्टेंस पर मिलेगी
यह प्लान ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) के आधार पर बनाया है। लोगों को स्कूल, अस्पताल, बाजार व अन्य सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। पैदल रास्तों और साइकिल ट्रैक के साथ मेट्रो-इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा को भी जोड़ा जाएगा। प्राकृतिक ढलान के अनुसार छोटे तालाब और पोखर विकसित करने की योजना भी है। तीन चरणों में होगा विकास
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार शहर के बीच इस पूरे इलाके का विकास 3 चरणों में प्रस्तावित है। फिलहाल यह शुरुआती प्लान है। आगे इसकी विस्तृत योजना बनाई जाएगी। 9 साल में 3 योजनाएं रुकीं, अब चौथी पर कोशिश… 2017 : स्मार्ट सिटी का विरोध। शिवाजी नगर और तुलसी नगर को एबीडी एरिया में शामिल कर नए सिरे से बसाने की योजना स्थानीय विरोध के कारण आगे नहीं बढ़ी। 2022 : चार इमली का प्लान रुका। 178 बंगले तोड़कर 20 इमारतों में 218 फ्लैट और 3 हेक्टेयर में प्लॉट-बंगले बेचने का प्रस्ताव था। तत्कालीन सीएस इकबाल सिंह बैस की मौजूदगी में समिति ने पर्यावरणीय नुकसान की आशंका पर इसे रोका। 2024 : शिवाजी-तुलसी नगर में 29 हजार पेड़ों पर खतरे का खुलासा। मंत्रियों के नए बंगलों की योजना का भास्कर ने खुलासा किया। विरोध के बाद योजना रुकी।
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फिर नया प्लान …: 74 बंगला से चार इमली तक बनेंगे 23 मंजिला टॉवर – Bhopal News
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