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प्रेम के कई स्वरूप होते हैं. ममता, स्नेह, प्रणय. सबसे पावन, सबसे पवित्र प्रेम वो होता है जो ईश्वर से किया जाता है. ईश्वर से प्रेम करने का सबसे सरल उपाय दया, परोपकार और सब जीवों से प्यार है. अपने मन, तन और जीवन का औरों के लिए जितना उपयोग किया जाए. प्रेम के इसी उत्तम रूप पर बॉलीवुड में एक फिल्म बनाई गई. फिल्म के गाने आज भी समा बांध देते हैं. यह फिल्म उस साल की 10वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मूवी थी. फिल्म मैसिव हिट रही थी.
प्रेम के पवित्र स्वरूप को दिखाती एक फिल्म ने 1972 में सिनेमाघरों में तहलका मचा दिया था. फिल्म का म्यूजिक भी सुपरहिट था. शक्ति सामंत के निर्देशन में बनी इस फिल्म का नाम ‘अनुराग’ था. विनोद मेहरा और मौसमी चटर्जी लीड रोल में थे. यह मौसमी चटर्जी की डेब्यू फिल्म थी. अशोक कुमार, नूतन भी थे. फिल्म में राजेश खन्ना का स्पेशल अपीयरेंस था. मौसमी चटर्जी के मासूम चेहरे ने सबका दिल जीत लिया था.

‘अनुराग’ फिल्म की कहानी शक्ति सामंत ने लिखी थी. वही फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर थे. स्क्रीनप्ले मधुसूदन कालेलकर-बिनॉय चटर्जी ने लिखा था. डायलॉग वृजेंद्र गौड़ ने लिखे थे. जब शक्ति सामंत ने फिल्म की कहानी अशोक कुमार (दादा मुनि) को सुनाई थी तो उन्होंने तपाक से कहा था कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी.

शक्ति सामंत ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैंने दादा मुनि के ऊपर बेस्ड एक फिल्म ‘अनुराग’ बनाई. जब मैंने कहानी सुनाई तो दादा मुनि को पसंद नहीं आई. उन्होंने मुंह पर ही बोल दिया कि मैं यह फिल्म क्यों बना रहा हूं. मेडल चाहिए या कुछ और चाहिए. बोले कहानी बहुत अच्छी है लेकिन मुझे कहानी पर संदेह है. वो फिल्म बनी और दादा मुनि ने शानदार काम किया. वो फिल्म भी खूब चली.’
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फिल्म का म्यूजिक एसडी बर्मन ने कंपोज किया था. सभी गाने सुपरहिट थे. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म का एक गाना ‘वो क्या है, एक मंदिर है’ बहुत फेमस हुआ था. गाना लता मंगेशकर-मोहम्मद रफी की आवाज में है. फिल्म का एक और गाना ‘सुन री पवन, पवन पुरवैया’ भी बहुत पॉप्युलर हुआ. इस कालजयी गाने को भी लता मंगेशकर ने गाया था.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि अनुराग फिल्म में राजेश खन्ना ने एक छोटा सा रोल किया था. दरअसल फिल्म के लिए कास्टिंग हो चुकी थी. जब राजेश खन्ना को पता चला तो वो शक्ति सामंत के पास पहुंचे और अपने लिए रोल मांगा. तब शक्ति सामंत ने उन्हें एक फूलवाले का रोल दिया. इस भूमिका को अजीत कुमार निभाने जा रहे थे. राजेश खन्ना ने इस छोटे से रोल को बहुत शानदार ढंग से निभाया. शक्ति सामंत की फिल्म ‘आराधना’ से ही राजेश खन्ना सुपर स्टार बने थे.

राजेश खन्ना को फिल्म में लेने से फिल्म की मार्केट वैल्यू बढ़ गई. राजेश खन्ना ने ही शक्ति सामंत को यह सलाह दी थी. यह भी कहा जाता है कि फिल्म शुरू होने से पहले सिनेमाघरों में राजेश खन्ना की शादी का वीडियो दर्शकों को दिखाया जाता था. इससे फिल्म को बहुत फायदा हुआ.

चाइल्ड आर्टिस्ट मास्टर सत्यतीज ने अपना रोल में चार चांद लगा दिए थे. फिल्म बहुत अच्छी थी. गानों ने बहुत सपोर्ट किया. मौसमी चटर्जी के बहुत अच्छे क्लोजअप लिए गए थे. फिल्म का बजट 1 करोड़ के आसपास था. फिल्म ने 2 करोड़ की कमाई की थी. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म मैसिव हिट रही थी.

