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बाल श्रम कानून के तहत पुलिस FIR दर्ज कर सकती है या नहीं, यह सवाल अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम Court ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले पर नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया था कि पुलिस सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती. मामला बाल एवं किशोर श्रम कानून की व्याख्या और बच्चों के शोषण के खिलाफ त्वरित कार्रवाई से जुड़ा है. कोर्ट का अंतिम फैसला देशभर में बाल मजदूरी के मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर बड़ा असर डाल सकता है.
बाल श्रम पर एफआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट आखिरी फैसला लेगा.
Court News: बाल श्रम पर पुलिस सीधे एफआईआर कर सकेगी या नहीं, इस बाबत इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर अल्पविराम लग चुका है. अब इस मसले पर देश की सर्वोच्च अदालत ही सुप्रीम फैसला लेगी. जी हां, बाल एवं किशोर श्रम कानून के तहत एफआईआर दर्ज करने के अधिकार को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया है.
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पुलिस सीधे तौर पर बाल श्रम कानून के तहत एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती है. इस मामले में कार्रवाई केवल अधिकृत अधिकारी की शिकायत पर ही शुरू हो सकती है. मामले की सुनवाई जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एएस चंदूरकर की पीठ ने की. याचिका में कहा गया है कि हाई कोर्ट का फैसला बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई को कमजोर कर सकता है और इससे बच्चों के शोषण के मामलों में तुरंत कानूनी कार्रवाई प्रभावित होगी.
दरअसल, यह विवाद चाइल्ड एंड अडोलसेंट लेबर (प्रोहिबिशन एंड रेगुलेशन) एक्ट को लेकर है. हाईकोर्ट ने माना था कि इस कानून के तहत मुकदमा शुरू करने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारी को है, इसलिए पुलिस अपने स्तर पर एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती. इसी फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि पुलिस को एफआईआर दर्ज करने से रोका गया तो बाल मजदूरी से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई मुश्किल हो जाएगी. कई मामलों में बच्चों को खतरनाक परिस्थितियों में काम कराया जाता है और ऐसे मामलों में तुरंत हस्तक्षेप जरूरी होता है.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इस मामले पर केंद्र और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा जाएगा. माना जा रहा है कि अदालत का अंतिम फैसला देशभर में बाल श्रम कानूनों के क्रियांवयन पर बड़ा असर डाल सकता है.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें

