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टीएमसी के दो तिहाई से ज्यादा सांसद और विधायक ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत कर नया गुट बनाने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन इसमें नया मोड़ तब आ गया जब सोमवार शाम सांसद शताब्दी रॉय के घर सांसदों की मीटिंग हुई और उसमें सुवेंदु अधिकारी पहुंचे. सवाल ये कि क्या सांसद बीजेपी में विलय करने जा रहे हैं?
टीएमसी में टूट के बाद सवाल कि क्या बागी गुट बीजेपी में विलय करेगा.
ममता बनर्जी को अकेला छोड़कर बागी हुए टीएमसी के सांसदों ने सोमवार देर रात तक शताब्दी रॉय के घर पर चर्चा की. इस मीटिंग में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी शामिल हुए. हालांकि , सुवेंदु कुछ ही देर में सांसदों से मिलकर निकल गए, लेकिन बाद में जो बातें सामने आईं, वह काफी कुछ कह रही हैं. सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के बागी सांसदों ने इस बात पर लंबी चर्चा की है कि बीजेपी में विलय करना चाहिए, या फिर पार्टी पर दावा ठोककर उसे एनडीए का हिस्सा बनाना चाहिए.
सूत्रों का कहना है कि सभी सांसद मंगलवार को एक साथ फिर मीटिंग करेंगे और बाद में मीडिया के सामने अपने फैसले का ऐलान करेंगे. इस बात की चर्चा है कि पहले ये सांसद नया गुट बनाएंगे और फिर बीजेपी में विलय कर जाएंगे. हालांकि, इस पर आखिरी फैसला सांसदों को खुद लेना है और मंगलवार को वे मीडिया से इस बारे में बात कर सकते हैं.
जिसकी संख्या ज्यादा, उसका चुनाव चिह्न
… तो पार्टी पर भी होगा बागियों का कब्जा
विधानसभा और लोकसभा के बाद, अगर राज्यसभा में भी तृणमूल सांसदों के दो-तिहाई सदस्य बगावत कर देते हैं, तो ममता बनर्जी का दबाव और बढ़ जाएगा. क्योंकि चुनाव आयोग के नियम के अनुसार, अगर विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा और नगर एवं पंचायत स्तर पर तृणमूल के अधिकांश जन प्रतिनिधि बागी खेमे का समर्थन करते हैं, तो पीड़ित पक्ष चुनाव आयोग से तृणमूल पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह मांग सकते हैं. साथ ही, पार्टी पदाधिकारियों का समर्थन भी बागियों के साथ होना चाहिए.
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