करौली पॉक्सो कोर्ट ने अपनी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने के दोषी पिता को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 16 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, पीड़ित बालिका को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि दिलवाने के आदेश दिए गए हैं। विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश शर्मा ने यह फैसला सुनाया। आरोपी को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम के तहत दोषी पाया गया। मामले की जानकारी देते हुए गजेंद्र शर्मा ने बताया कि सूरौठ थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस उप अधीक्षक (हिण्डौन) के समक्ष रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने 30 जून 2017 को अपनी पत्नी की फावड़े से हत्या कर दी थी। इस अपराध में वह लगभग ढाई साल तक जेल में रहा। जेल से छूटने के बाद आरोपी फिर से नशे का आदी हो गया। वह अपने बच्चों को लगातार परेशान करता था और उन्हें धमकी देता था कि “जैसे तुम्हारी मां को मारा है, वैसे ही तुम्हारी भी हत्या कर दूंगा।” एक घटना के दौरान, आरोपी अपनी नाबालिग बेटी को, जो हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी, अपने घर ले आया। इसके बाद, उसने अपनी नाबालिग बेटी के साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ की और अश्लील हरकतें कीं। जब नाबालिग बेटी रोने और चिल्लाने लगी, तब आरोपी ने उसे छोड़ा। पीड़िता किसी तरह अपनी जान बचाकर अपनी बुआ के गांव भाग गई और वहां जाकर अपनी बुआ को पूरी आपबीती बताई। घटना सपोटरा थाना क्षेत्र की होने के कारण, पुलिस उप अधीक्षक (हिण्डौन) के आदेश पर 13 मई 2025 को सपोटरा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच और अनुसंधान करने के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो कोर्ट (करौली) में चालान पेश किया। पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों के आधार पर आरोपी को अपनी ही नाबालिग पुत्री के साथ अश्लील हरकत व छेड़छाड़ करने का दोषी पाया और उसे 5 वर्ष के कठोर कारावास तथा 16 हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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