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India Brahmos Diplomacy: बदलते सामरिक माहौल को देखते हुए भारत इंटरनेशनल लेवल पर अपने पैर मजबूती से जमाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. इस्लामिक NATO बनाकर जिस तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद की थी, अब उसका अपने ही आवोहवा में दम घुटने लगा है. भारत ने तुर्की के पड़ोस में ऐसी डिप्लोमेसी शुरू की है, जिससे तुर्की का बीपी बढ़ने लगा है.
भारत इस्लामिक NATO के अगुआ तुर्की को उसके ही आंगन में घेरने की तैयारी कर रहा है. तुर्की के तीन पड़ोसी देशों ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल में अपनी दिलचस्पी दिखाइ है. (फाइल फोटो/Reuters)
पिछले कुछ सालों में भारत ने भूमध्य सागर में तुर्की के तीन पड़ोसी देशों – अर्मेनिया, ग्रीस और साइप्रस के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर काम करना शुरू किया है. खासकर रक्षा के क्षेत्र में तीनों देशों ने भारत के साथ संबंधों को नया आयाम देने की गंभीर कोशिश की है. तुर्की के मनमाने रवैये से परेशान अर्मेनिया के भारत के साथ मजबूत रक्षा संबंध हैं. अर्मेनिया को भारत से कई तरह के मॉडर्न वेपन सिस्टम भी मिले हैं. दूसरी तरफ, साइप्रस और ग्रीस भी भारत के साथ रक्षा संबंधों को बढ़ाने में जुटे हैं. कुछ दिनों पहले ही साइप्रस के प्रधानमंत्री निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स भारत के दौरे पर आए थे. इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही साइप्रस और भारत के बीच रक्षा संबंध आने वाले दिनों में और भी मजबूत होने की संभावना प्रबल हो गई है. भारत और ग्रीस के बीच भी स्ट्रैटजकि पार्टनरशिप को लेकर एग्रीमेंट हुआ है. एथेंस ने ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है.
🇬🇷🇮🇳🇹🇷 Turkish fears became reality. They’re so shit scared of Greece getting armed with Indian weapons thay they’re calling for a preemptive attack. Too bad Turkey, their predicament is only getting worse by the day, and is only accelerating now that India has joined the game. https://t.co/7XUHvJgz6A— Paul Antonopoulos 🇬🇷🇨🇾 (@oulosP) May 27, 2026

