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Mo Increase In MNREGA Wages: केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरी दरें 2026-27 में नहीं बढ़ाईं हैं. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नई VB-G RAM G योजना लागू होने तक 2025-26 की दरें ही चलेंगी.
नए वित्त वर्ष में भी मनरेगा मजदूरों को पुरानी मजदूरी मिलेगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई योजना लागू होने तक यही मजदूरी जारी रहेगी. फाइल फोटो
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MG-NREGS) के तहत काम करने वाले सात करोड़ से अधिक मजदूरों को इस वित्तीय वर्ष (2026-27) में मजदूरी वृद्धि का इंतजार करना पड़ सकता है. केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि नई योजना VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन ग्रामीण) लागू होने तक पुरानी मजदूरी दरें ही जारी रहेंगी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यों को सूचित कर दिया है कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मनरेगा मजदूरी दरों की अधिसूचना VB-G RAM G योजना लागू होने के बाद ही जारी की जाएगी. तब तक 2025-26 की मजदूरी दरें ही लागू रहेंगी. यह पिछले एक दशक से अधिक समय में पहला मौका है जब केंद्र सरकार ने फरवरी-मार्च में मनरेगा मजदूरी दरों की संशोधित अधिसूचना जारी नहीं की है. आमतौर पर नई वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले (अप्रैल 1 से पहले) मजदूरी दरें घोषित कर दी जाती हैं, लेकिन इस बार 15 अप्रैल तक भी अधिसूचना जारी नहीं हुई है.
सरकार का प्लान क्या है?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार मनरेगा से VB-G RAM G में बदलाव के दौरान पुरानी मजदूरी दरें जारी रखने का फैसला लिया गया है. मंत्रालय ने हाल ही में राज्यों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह जानकारी दी. एक सूत्र ने बताया कि जब VB-G RAM G लागू होगी, तब नई मजदूरी दरें अधिसूचित की जाएंगी. तब तक पिछले वित्तीय वर्ष की दरें ही लागू रहेंगी.
सरकार का कहना है कि इस संक्रमण काल में मजदूरों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं. रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और मजदूरी पुरानी अधिसूचना के अनुसार ही दी जा रही है. नई योजना लागू होने के बाद संशोधित मजदूरी दरें जारी की जाएंगी. VB-G RAM G एक्ट, 2025 दिसंबर 2025 में संसद द्वारा पारित किया गया था. इसका उद्देश्य 20 साल पुरानी मनरेगा को बदलकर ग्रामीण क्षेत्रों में अकुशल मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है. नई योजना के तहत कई प्रावधान बदले गए हैं, जिन पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है.
पुरानी vs नई योजना में मुख्य अंतर
मनरेगा के तहत केंद्र सरकार पूरे मजदूरी बिल का भुगतान करती थी और सामग्री एवं प्रशासनिक खर्च पर 75 फीसदी हिस्सा वहन करती थी. लेकिन VB-G RAM G एक्ट की धारा 22 के अनुसार फंड शेयरिंग पैटर्न बदल गया है. अब 11 विशेष राज्यों के लिए केंद्र और राज्य का अनुपात 90:10 होगा, जबकि बाकी राज्यों के लिए 60:40 होगा. इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ने की आशंका है. विपक्ष ने एक्ट की तीन मुख्य बातों पर सवाल उठाए हैं-
- फंड शेयरिंग पैटर्न (धारा 22)
- नॉर्मेटिव एलोकेशन (धारा 4 की उप-धारा 5)
- पीक एग्रीकल्चर सीजन में रोजगार गारंटी पर रोक (धारा 6)
ये बदलाव राज्यों के लिए वित्तीय चुनौती पैदा कर सकते हैं, जो पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं.
मजदूरी कैसे तय होती है?
मनरेगा मजदूरी दरें ग्रामीण क्षेत्रों में मुद्रास्फीति को दर्शाने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स- एग्रीकल्चर लेबर यानी CPI-AL के आधार पर तय की जाती हैं. पिछले साल (2025-26) के लिए 27 मार्च को अधिसूचना जारी की गई थी, जिसमें 2 से 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई थी. नए वित्तीय वर्ष के लिए मजदूरी बढ़ोतरी नहीं होने से लाखों गरीब परिवारों को सीधा असर पड़ सकता है. मनरेगा डैशबोर्ड के अनुसार 14 अप्रैल 2026 तक योजना के तहत 11.03 करोड़ सक्रिय वर्कर्स हैं. वित्त वर्ष 2025-26 में 5.34 करोड़ परिवारों (7.2 करोड़ व्यक्तियों) ने इस योजना का लाभ लिया था.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

