Sunday, May 31, 2026
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राजगढ़ में धूलभरी आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: घंटों अंधेरे में डूबे शहर-कस्बे, कई पेड़ गिरे; उमस ने परेशानी बढ़ाई – rajgarh (MP) News




दिनभर की झुलसाने वाली गर्मी के बाद शनिवार रात राजगढ़ जिले में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि शहर से लेकर कस्बों तक अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। रात करीब 10 बजे तेज धूलभरी आंधी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। हवा इतनी तेज चली कि कई जगहों पर छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर पड़े और बिजली लाइनों में फाल्ट आ गया। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में तेज बिजली चमकने लगी और फिर बारिश शुरू हो गई। बारिश से तापमान में गिरावट जरूर आई, लेकिन घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को उमस और बेचैनी से राहत नहीं मिल सकी। आंधी के दौरान उड़ती धूल ने शहरों और कस्बों को धुंध जैसा बना दिया। घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद करने के बावजूद धूल अंदर तक पहुंच गई। बिजली बंद होते ही कूलर और पंखे थम गए। उमस इतनी बढ़ गई कि लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोग छतों और गलियों में रात बिताते नजर आए, जबकि बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान रहे। ढाई बजे बिजली सप्लाई हो सकी
राजगढ़ शहर में रात 10 बजे के आसपास तेज हवा के साथ बिजली गुल हो गई। कई इलाकों में रात ढाई बजे सप्लाई शुरू हो सकी, लेकिन कुछ मोहल्लों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। गर्मी और मच्छरों के बीच लोगों की रात करवटें बदलते बीती। लोगों का कहना था कि बारिश से गर्मी तो कम हुई, लेकिन बिजली नहीं रहने से राहत महसूस नहीं हो सकी। खिलचीपुर में तूफान का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। तेज आंधी के कारण 11 केवी लाइन में फाल्ट आ गया और पूरा नगर अंधेरे में डूब गया। बिजली कर्मचारी रातभर अलग-अलग इलाकों में फाल्ट तलाशते रहे। कई जगह तारों और पोल की जांच करनी पड़ी। सुबह करीब 7 बजे नगर के आधे हिस्से में बिजली सप्लाई शुरू हो सकी, जबकि पूरे नगर में बिजली सुबह 9 बजे तक बहाल हुई। रातभर बिजली नहीं रहने से लोगों की नींद उड़ गई। उमस और गर्मी से परेशान लोग सुबह तक जागते रहे। बिजली बाधित होने से नगर परिषद की पानी सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सुबह लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ा। माचलपुर, नरसिंहगढ़ और छापीहेड़ा भी प्रभावित
जीरापुर में भी तेज आंधी के साथ रात 10 बजे बिजली चली गई थी। अधिकांश इलाकों में रात करीब 1:30 बजे सप्लाई बहाल हो गई, लेकिन बंसल कॉलोनी सहित कुछ क्षेत्रों में पूरी रात बिजली नहीं आई। यहां लोगों ने मोबाइल की रोशनी और हाथ के पंखों के सहारे रात बिताई। माचलपुर, नरसिंहगढ़ और छापीहेड़ा में भी तूफान का असर दिखाई दिया। माचलपुर में रात 10 बजे बंद हुई बिजली करीब डेढ़ बजे के बाद शुरू हो सकी। वहीं छापीहेड़ा में रात 2 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रही। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने का असर
मौसम विभाग के अनुसार जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने लगी हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ के असर से वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर बन रहा है। आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बदलता रह सकता है।



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