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Chhatarpur Gari Barfi: दीपावली के मौके पर घर-घर ये मिठाई खाई जाती है. वहीं छतरपुर जिले में एक ऐसी मिठाई बिकती है जो साल में सिर्फ 3 बार ही बनाई जाती है. इसलिए ये मिठाई दूसरी मिठाइयों से खास हो जाती है. इसलिए ये मिठाई दूसरी मिठाइयों से ज्यादा बिकती है.
Gari Barfi. आज हम आपको एक ऐसी मिठाई के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे छतरपुर जिले में साल में सिर्फ 3 बार ही बनाया जाता है. इसलिए ये मिठाई दूसरी मिठाइयों से खास हो जाती है. दरअसल, जिले में गरी बर्फी बनाई जाती है जिसे नारियल और खोवा से तैयार किया जाता है. इसे रक्षाबंधन, करवा चौथ और दीपावली के खास मौके पर ही बनाया जाता है. इसलिए ये मिठाई दूसरी मिठाइयों से ज्यादा बिकती है. कैसे करते हैं तैयार? आइए जानते हैं
हलवाई जगपाल बताते हैं कि छतरपुर जिले वैसे तो तमाम तरह की मिठाइयां बनाई जाती हैं लेकिन गरी बर्फी एक ऐसी मिठाई है जो कुछ खास मौके पर ही बनाई जाती है. इसका स्वाद ही कुछ ऐसा होता है कि लोग यहां आते हैं तो इस मिठाई को खरीदकर जरूर जाते हैं. क्योंकि ये मिठाई हर दिन नहीं मिलती है. इसलिए जब भी हमारे होटल में बनाई जाती है तो ग्राहकों की भीड़ लग ही जाती है और कुछ ही घंटों में बिक जाती है.
नारियल और मावा से बनती है स्वादिष्ट मिठाई
जगपाल बताते हैं कि इस मिठाई को बनाना भी आसान होता है. इसमें नारियल की गरी (खोपरा) की मात्रा सबसे ज्यादा होती है. साथ ही इसमें खोवा (मावा) भी मिलाना होता है. नारियल गरी और खोवा के साथ थोड़ी सी मात्रा में शक्कर भी मिलानी होती है. हालांकि, इस मिठाई में शक्कर की मात्रा कम ही डालनी होती है. क्योंकि ये मिठाई कम मिठास में ही लोग पसंद करते हैं.
बिकती 400 रुपए किलो
जगपाल बताते हैं कि रक्षाबंधन, करवा चौथ और दीपावली के मौके पर घर-घर ये मिठाई खाई जाती है. इसलिए इसकी मांग इन खास मौकों पर बढ़ जाती है. अभी गरी बर्फी का रेट 400 रुपए किलो चल रहा है. ये मिठाई स्वाद के साथ सस्ती भी होती है.
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