श्रीगंगानगर में 17 लाख 71 हजार 480 रुपए के साइबर फ्रॉड मामले में सिटी यूनियन बैंक के असिस्टेंट मैनेजर सहित दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने जाली डॉक्यूमेंट बनाकर फर्जी बैंक अकाउंट खोला और उसे साइबर फ्रॉड में यूज किया। एसपी हरीशंकर ने बताया कि पुलिस थाना साइबर श्रीगंगानगर ने शिकायतकर्ता मुकेश कुमार निवासी वार्ड नंबर 05, मगरसिंह कॉलोनी, घड़साना (श्रीगंगानगर) की शिकायत पर यह कार्रवाई की है। मुकेश कुमार एंजेल ब्रोकिंग के जरिए शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करता है। फेसबुक पर आई लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट
16 अप्रैल 2026 को मुकेश कुमार की फेसबुक आईडी पर ‘सोनी शर्मा’ नाम की लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। बाद में वही लड़की वॉट्सऐप पर बात करने लगी और क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के नाम पर TRUSTMYCOIN.COM का लिंक भेजकर विश्वास में लेकर करीब 17.71 लाख रुपए का साइबर फ्रॉड कर लिया। 18 जून 2026 को मुकेश कुमार ने थाना साइबर पर रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच थानाधिकारी आनंद कुमार (आरपीएस) द्वारा शुरू की गई। जांच में सामने आया कि फर्जी वोटर कार्ड
जांच में पता चला कि सिटी यूनियन बैंक के सहायक प्रबंधक शुभम फरक्या ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर विजय चौधरी निवासी तिलोनिया (अजमेर) के नाम से स्कैन और कट-पेस्ट तकनीक से फर्जी वोटर कार्ड बनाया। इसी के आधार पर बैंक की अजमेर शाखा में सेविंग अकाउंट खोल दिया गया। इस अकाउंट में नेट बैंकिंग के लिए सुभांशु ठाकरिया का मोबाइल नंबर लिंक किया गया। अकाउंट खोलने वाले फॉर्म पर फर्जी हस्ताक्षर खुद शुभम फरक्या ने किए और फोटो भी किसी अन्य व्यक्ति की यूज की गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने यह खाता गोरधन उर्फ राहुल चौधरी निवासी थानकसर (अजमेर) को मात्र 12 हजार रुपए में बेच दिया। राहुल चौधरी उर्फ गोरधन ने 14 जून 2026 को इस खाते में साइबर फ्रॉड से 1,65,200 रुपए मंगवाए। इनमें से 1 लाख रुपए उसने सिटी यूनियन बैंक किशनगढ़ के एटीएम से नकद निकाले और बाकी पैसे यूपीआई के जरिए ट्रांसफर कर दिए। सोमवार को सिटी यूनियन बैंक के सहायक प्रबंधक शुभम फरक्या निवासी मंदसौर, (मध्य प्रदेश) और सुभांशु ठाकरिया निवासी रेगरान मोहल्ला, नयाशहर, किशनगढ़, (अजमेर) को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल पुलिस पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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