Last Updated:
Double Decker Expressway : तमिलनाडु में देश का पहला डबल डेकर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है. एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 3,500 करोड़ रुपये बताई है, जिसमें महज 21 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी. इसकी खास बात दोमंजिला सड़के हैं, जो चेन्नई पोर्ट से निकलकर चेन्न्ई-कर्नाटक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी. इस डबल डेकर में से ऊपर की मंजिल पर पोर्ट जाने वाले वाहन दौड़ेंगे, जबकि नीचे की मंजिल को शहर के ट्रैफिक के लिए खाली रखा जाएगा.
चेन्नई में देश का पहला डबल डेकर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है.
नई दिल्ली. देश में एक्सप्रेसवे तो कई बन रहे हैं, लेकिन आज हम जिस प्रोजेक्ट के बारे में बात करने जा रहे हैं, उसे सबसे मुश्किल और महंगा एक्सप्रेसवे माना जा रहा है. इसकी चुनौती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस एक्सप्रेसवे की एक किलोमीटर सड़क बनाने पर करीब 166.7 करोड़ रुपये का खर्चा आ रहा है. यह ई-वे डबल डेकर यानी दोमंजिला बनाया जा रहा है और कुल दूरी महज 21 किलोमीटर है, लेकिन इसे बनाने पर आने वाला खर्चा करीब 3,500 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.
देश के इस पहले डबल डेकर एक्सप्रेसवे को चेन्नई पोर्ट के पास बनाया जा रहा है. 21 किलोमीटर का यह एक्सप्रेसवे 4 लेन का बनाया जा रहा है, जो चेन्नई पोर्ट-मदुरावोयल एलिवेटेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है. इस डबल डेकर में से ऊपर की मंजिल वाली सड़क पर पोर्ट से आने-जाने वाले भारी वाहनों को चलाया जाएगा और इस पर आम ट्रैफिक के जाने की मनाही रहेगी. हालांकि, जो नीचे की मंजिल वाला एक्सप्रेसवे होगा उस पर लोकल और शहर का ट्रैफिक का चल सकेगा. दोनों एक्सप्रेसवे को इंटरचेंज करने की भी व्यवस्था रहेगी और इस पर 7 एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे.
यूनिक डिजाइन ही इसकी खासियत
वैसे तो इस प्रोजेक्ट पर पहली बार साल 2010 में बात शुरू हुई थी, लेकिन इसे 2016 में टर्मिनेट कर दिया गया था. वापस 2023 में इस पर दोबारा काम शुरू हुआ और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस यूनिक डिजाइन वाले प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है. इसे पूरा करने की डेडलाइन नवंबर, 2027 रखी गई है. इसमें 2 टीयर बनाए जा रहे हैं, जिसमें नीचे वाला हिस्सा शहर की ट्रैफिक के लिए होगा और 13 रैम्प बनाए जा रहे हैं. ऊपर वाले टीयर को पोर्ट तक आने-जाने के लिए बनाया जा रहा है. यह रास्ता चेन्नई पोर्ट के गेट नंबर 10 से शुरू होकर सीधे शहर की तरफ जाता है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद चेन्नई पोर्ट की क्षमता मौजूदा 5.3 करोड़ टन से बढ़कर साल 2047 तक 20 करोड़ टन सालाना पहुंच जाएगी.
चेन्ई-बैंगलुरु ई-वे से जुड़ेगा रास्ता
चेन्नई पोर्ट के पास बनने वाला यह डबल डेकर एक्सप्रेसवे सीधा चेन्नई-बैंगलुरु एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिसका काम लगभग समाप्त होने वाला है. यह एक्सप्रेसवे करीब 262 किलोमीटर लंबा है. एनएचएआई ने पिछले एक दशक में तमिलनाडु में कनेक्टिवटी बढ़ाने पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं. अभी यह प्रोजेक्ट करीब 40 हजार करोड़ का है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसकी लागत बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. इससे तमिलनाडु और आसपास के शहरों के बीच आवाजाही काफी आसान हो जाएगी.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
और पढ़ें

