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प्यार एक खूबसूरत अहसास है. इस अहसास को सिर्फ महसूस किया जा सकता है. निश्चल प्रेम तो और ज्यादा भावनात्मक होता है. दिल में लगाव पैदा करता है. इसे पर्दे पर उतारना आसान नहीं होता है. बॉलीवुड में निश्चिल प्रेम को आधार बनाकर कई फिल्में बनाई गई हैं. 7 साल के अंतराल में ऐसी ही तीन फिल्में बनाई गईं. तीनों फिल्मों में लीड हीरो सेम था. तीनों फिल्मों की कहानी दर्शकों के दिल में समा गई. तीनों ही फिल्में सुपरहिट रहीं. तीसरी फिल्म का रीमेक ने तो कमाई के रिकॉर्ड ही तोड़ दिए थे. यह हिंदी सिनेमा की पहली 100 करोड़ कमाने वाली फिल्म थी.
साफ-सुथरी फिल्मों का अपना एक अलग ही मजा है. हर फैमिली मैन की चाहत होती है कि वह पूरे परिवार के साथ फिल्म देखे. अब बॉलीवुड में ऐसी फिल्में कम ही बनती हैं जिन्हें पूरे परिवार के साथ देखा जा सके. एक दौर ऐसा भी था जब कुछ प्रोडक्शन हाउस साफ-सुथरी फिल्मों के जरिये ही लोगों का मनोरंजन करते थे. इन फिल्मों से खूब पैसे भी कमाते थे. ऐसे ही एक प्रोडक्शन हाउस का नाम है राजश्री प्रोडक्शन. राजश्री प्रोडक्शन ने 7 साल की अंतराल में तीन ऐसी फिल्में बनाई जो हर दिल में बस गई. तीनों ही फिल्में सुपर डुपर हिट साबित हुई. इन फिल्मों का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. तीसरी फिल्म के रीमेक ने तो कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए थे. फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.

राजश्री प्रोडक्शन साफ-सुथरी फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है. आज भी परंपरा कायम है. पारिवरिक मूल्य, निश्चल प्रेम- संवेदना पर आधारित कहानियों का सिलेक्शन करके दिल छू लेने वाली फिल्में बनाईं. 1975 का साल ‘शोले’ और ‘दीवार’ जैसी सार्वकालिक फिल्म के लिए जाना जाता है. इसी साल और भी कई फिल्में आईं और हिंदी सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुईं. इसी साल राजश्री प्रोडक्शन की एक फिल्म ‘गीत गाता चल’ भी आई थी. फिल्म 16 अक्टूबर 1975 को रिलीज हुई थी. रविंद्र नाथ टैगोर की ‘अतिथि’ कहानी से इंस्पायर्ड थी. डायरेक्शन हिरेन नाग ने किया था. प्रोड्यूसर ताराचंद बड़जात्या थे.

सचिन पिलगांवकर-सारिका लीड रोल में थे. इसके अलावा उर्मिला भट्ट, मदन पुरी, पद्मा खन्ना अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म की सफलता में इसके म्यूजिक का बहुत योगदान था. म्यूजिक रविंद्र जैन ने कंपोज किया था. उन्होंने ही फिल्म के गाने लिखे थे. फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘गीत गाता चल, ओ साथी गुनगुनाता चल’ जसपाल सिंह ने गाया था. फिल्म का एक और सुपरहिट गाना ‘श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा नाम’ जसपाल सिंह-आरती मुखर्जी की आवाज में था. गाना आज भी उतना ही सुपरहिट था. फिल्म में चौपाइयां भी थीं. सचिन पिलगांवकर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहली ही मुलाकात में उनकी दोस्ती ताराचंद बड़जात्या के बेटे राजकुमार बड़जात्या से हुई थी. फिल्म जब बनकर तैयार हुई तो सिर्फ एक सिनेमाहाउस में लगाई गई थी. सबको लग रहा था कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. तीन दिन तक फिल्म देखने के लिए कोई नहीं आया और चौथे दिन से फिल्म हाउसफुल होने लगी और सुपरहिट निकली.
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‘गीत गाता चल’ की प्रेस पार्टी आयोजित होने थी. सचिन पिलगांव घर से निकले. उनके पास टाइम था. इसी बीच उन्होंने एक इंग्लिश फिल्म ‘लव स्टोरी’ देखी. फिल्म एरिक सहगल के 1970 के नॉवेल पर बेस्ड थी. फिल्म देखने के बाद सचिन ‘गीता गाता चल’ की प्रेस पार्टी में पहुंचे और राज कुमार बड़जात्या को फिल्म के बारे में बताया. सचिन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैंने राजकुमार बड़जात्या को ‘लव स्टोरी’ फिल्म की कहानी सुनाई. बताया कि यह एक रोमांटिक फिल्म है जिसमें लड़की की मौत हो जाती है.’ कहानी सुनकर वो बहुत इंप्रेस हुए और अगली फिल्म बनाने पर विचार करने लगे. ‘गीता गाता चल’ की पूरी टीम के साथ फिल्म बनाई गई. सारिका इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाई क्योंकि उनके पास डेट्स नहीं थे. ऐसे में रंजीता कौर को फिल्म में लिया गया. यह फिल्म थी ‘अंखियों के झरोखों से’ जो कि 7 अप्रैल 1978 को रिलीज हुई थी.

‘अंखियों के झरोखों से’ फिल्म का टाइटल गाना कंपोज होने के बाद में तय हुआ. फिल्म की कहानी मधुसूदन कालेलकर ने लिखी थी. स्क्रीनप्ले हिरेन नाग और मधुसूदन कालेलकर ने लिखा था. डायलॉग वृजेंद्र गौड़ ने लिखे थे. यह भी दिलचस्प है कि मधुसूदन कालेलकर की दोस्ती सचिन के पिता से थी. गीत-संगीत रविंद्र जैन का था. इस फिल्म की सफलता में इसके गीत-संगीत का बहुत बड़ा रोल रहा. फिल्म में कुल 5 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘अंखियों के झरोंखे से’ हेमलता ने गाया था. गाना दिल को छू जाता है. 26वें फिल्म फेयर अवॉर्ड में फिल्म को 5 नॉमिनेशन मिले थे.फिल्म बहुत कामयाब थी. 48 लाख के बजट में बनी इस मूवी ने 1.5 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

‘अंखियों के झरोखों से’ की अपार सफलता के बाद राज कुमार बड़जात्या पर उनके भाइयों ने मिथुन चक्रवर्ती-रंजीता कौर के साथ फिल्म बनाने का दबाव डाला. परिवार के दबाव के आगे राजकुमार झुक गए. उन्होंने ‘सुन सजना’ नाम से एक फिल्म बनाई. ‘सुन सजना’ 8 अगस्त 1982 को रिलीज हुई और डिजास्टर साबित हुई. इसी दौरान उन्होंने सचिन पिलगांवकर-साधना सिंह के साथ एक और फिल्म ‘नदिया के पार’ बनाई. यह फिल्म केशव प्रसाद मिश्रा के मशहूर नॉवेल ‘कोहबर की शर्त’ पर बेस्ड थी. पूरे एक माह जौनपुर की केराकत तहसील के विजयीपुर गांव में हुई थी. उपन्यास की सिर्फ आधी कहानी पर फिल्म बनी. कहानी चंदन (सचिन) और गुंजा (साधना सिंह) की लव स्टोरी पर थी.

‘नदिया के पार’ 10 अक्टूबर 1982 को रिलीज हुई थी. डायरेक्शन गोविंद मूनिस ने किया था. फिल्म का म्यूजिक रविंद्र जैन ने ही कंपोज किया था. फिल्म में कुल 5 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. सभी गाने रविंद्र जैन ने ही लिखे थे. गानों में फॉक सॉन्ग का टच था. फिल्म का कलेवर भी भोजपुरी था. सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म का कुल बजट लगभग ₹18 लाख था. सादगी भरी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डवाइड करीब ₹5.4 करोड़ का कुल कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

राजकुमार बड़जात्या के बेटे सूरज बड़जात्या 1989 में अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ की डबिंग तेलुगू भाषा में करवा रहे थे. यह काम चेन्नई के एक स्टूडियो में हो रहा था. वहीं पर राजकुमार बड़जात्या भी मौजूद थे. उन्होंने कागज पर प्यार से तीन शब्द लिखे और सूरज की ओर से कागज बढ़ा दिया. कागज पर अगली फिल्म को बनाने का सुझाव लिखा हुआ था. पिता की आज्ञा मानकर उन्होंने फिल्म बनाने का फैसला किया. दरअसल राजकुमार ने ‘नदिया के पार’ का रीमेक बनाने का सुझाव दिया था. साथ ही चेतावनी दी थी कि पूरी फिल्म में हीरो-हीरोइन का कोई रोमांटिक सीन नहीं होगा. यानी एकदूसरे के पास नहीं आएंगे. ऐसे में सूरज बड़जात्या को पूरे ढाई साल तक स्क्रिप्ट लिखने में लगे. फिर ‘हम आपके हैं कौन’ फिल्म बनाई जो कि ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर निकली. यह हिंदी सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म है जिसने 100 करोड़ का बिजनेस किया.

‘हम आपके हैं कौन’ 5 अगस्त 1994 को रिलीज हुई थी. सलमान खान, माधुरी दीक्षित, रेणुका शहाणे, अनुपम खेर, मोहनीश बहल, आलोक नाथ, रीमा लागू, बिंदु, सतीश शाह, दिलीप जोशी, लक्ष्मीकांत बेर्डे जैसे सितारे फिल्म में नजर आए थे. म्यूजिक राम-लक्ष्मण ने दिया था. राजश्री की अन्य फिल्मों की तरह इस फिल्म का म्यूजिक भी सुपर-डुपर हिट था. फिल्म में 71 मिनट की लंबाई के कुल 14 गाने रखे गए थे. स्क्रीनिंग देखकर कई डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा था कि यह फिल्म नहीं चलेगी. यह फिल्म नहीं बल्कि वेडिंग एल्बम है. जब मूवी रिलीज हुई इतिहास ही रह दिया. फिल्म को 4 फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिले. बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड माधुरी दीक्षित को मिला था. करीब 6 करोड़ के बजट में बनी इस मूवी ने 128 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.

