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Tirupati Train Name Row: तिरुपति-चिकमंगलूर ट्रेन के नामकरण को लेकर हिंदू-मुस्लिम संगठनों में टकराव. हिंदू “दत्तपीठ एक्सप्रेस” तो मुस्लिम “बाबा बुडन एक्सप्रेस” नाम की मांग कर रहे हैं. विवाद गर्माया.
तिरुपति-चिकमंगलूर ट्रेन के नामकरण पर हिंदू-मुस्लिम संगठनों में विवाद.
हाइलाइट्स
- तिरुपति-चिकमंगलूर ट्रेन का नाम बना नया धार्मिक विवाद.
- हिंदू संगठन चाहते हैं नाम हो “दत्तपीठ एक्सप्रेस”.
- मुस्लिम संगठन कर रहे हैं “बाबा बुडन एक्सप्रेस” की मांग.
Tirupati Train Name Row: कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में शुरू होने वाली तिरुपति एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर बड़ा धार्मिक विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, तिरुपति से चिकमंगलूर के बीच चलने वाली इस नई ट्रेन को लेकर हिंदू और मुस्लिम संगठनों के बीच ट्रेन के नामकरण को लेकर गहरी खींचतान चल रही है. हिंदू संगठन जहां इसका नाम “दत्तपीठ एक्सप्रेस” या “दत्तात्रेय एक्सप्रेस” रखने की मांग कर रहे हैं. वहीं मुस्लिम संगठन इसे “बाबा बुडन एक्सप्रेस” कहे जाने की अपील कर रहे हैं.
यह विवाद इतना गहरा हो गया है कि अब यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पहुंच गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि एक ट्रेन के नाम को लेकर इतना बवाल क्यों? इसका जवाब धर्म और राजनीति के उस पुराने विवाद में छिपा है जो चार दशकों से चिकमंगलूर की पहाड़ियों में दबा हुआ था.
दत्तपीठ बनाम बाबा बुडन: विवाद की जड़
यह विवाद सीधे चंद्रद्रोण पर्वत श्रृंखला में स्थित एक धार्मिक स्थल से जुड़ा है. जिसे हिंदू दत्तपीठ और मुसलमान बाबा बुडन दरगाह कहते हैं. हिंदू संगठनों का कहना है कि यह स्थल भगवान दत्तात्रेय से जुड़ा है और वहां उन्हें पूजा जाता है. दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय इसे सुफी संत बाबा बुडन की दरगाह मानता है. उन्होंने भारत में सबसे पहले कॉफी के बीज लाकर कर्नाटक में इसकी खेती शुरू की थी. यह विवाद पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन अब तिरुपति ट्रेन के नामकरण के साथ यह फिर से चर्चा में आ गया है.

चिकमंगलूर से तिरुपति ट्रेन पर विवाद.
11 जुलाई को केंद्रीय राज्य रेल मंत्री वी. सोमन्ना ने चिकमंगलूर रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन की प्रतीकात्मक शुरुआत की. उसी कार्यक्रम में भाजपा सांसद कोटे श्रीनिवास पूजारी और विधानसभा उपाध्यक्ष प्रणेश ने मंच से अपील की कि इस ट्रेन का नाम “दत्तपीठ एक्सप्रेस” रखा जाए. इसके बाद फेसबुक और X पर हिंदू संगठनों ने “दत्तपीठ एक्सप्रेस” अभियान भी शुरू कर दिया.
इस मांग पर सोमन्ना ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि वे नामकरण के लिए दत्तात्रेय या दत्तपीठ जैसे किसी एक नाम को चुनने पर विचार करेंगे.
जैसे ही “दत्तपीठ एक्सप्रेस” नाम की चर्चा तेज हुई, चंद्रद्रोण पर्वत पर स्थित इनाम दत्तात्रेय बाबा बुडन स्वामी दरगाह से जुड़े मुस्लिम संगठन और शाखाद्रि परिवार सामने आ गए. उन्होंने साफ कहा कि अगर ट्रेन को धार्मिक स्थल से जोड़ा ही जाना है तो उसका नाम “बाबा बुडन एक्सप्रेस” रखा जाना चाहिए, क्योंकि यह दरगाह संत बाबा बुडन की पहचान है.
मुस्लिम संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री और वी. सोमन्ना को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए अपनी मांग रखी है. इतना ही नहीं, सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की तैयारी भी कर ली गई है.
क्या नाम बन जाएगा नया विवाद?
चिकमंगलूर से तिरुपति के लिए ट्रेन सेवा धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से एक बड़ी शुरुआत है. लेकिन इससे पहले कि यह ट्रेन पटरी पर दौड़े उसका नाम एक नया धार्मिक विवाद बनता नजर आ रहा है. अब देखना ये है कि सरकार इस टकराव को कैसे सुलझाती है. क्या कोई तटस्थ नाम आएगा या फिर यह मामला भी अदालत की चौखट तक पहुंच जाएगा?
Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें
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