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Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग पर नागरिकता साबित करने का बोझ डालने का आरोप लगाया. कोर्ट ने कहा, 2003 तक के वोटरों को दस्तावेज देने की जरूरत नहीं.
बिहार SIR पर सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी की आशंका पर सुप्रीम कोर्ट जजों कहा कि ऐसा कुछ होता है तो ‘हम यहां बैठे हैं.’‘2003 तक वोटर लिस्ट में नाम तो दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं’
जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि नागरिकता पर कानून संसद द्वारा बनाया जाना चाहिए. सिंघवी ने कहा कि मौजूदा वोटर लिस्ट में शामिल लोगों के खिलाफ नकारात्मक धारणा बनाना गलत है. यह मामला तत्काल हस्तक्षेप का हकदार है, वरना चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ सकता है.
सुप्रीम कोर्ट ने अंत में दोहराया कि अगर सितंबर के अंत तक किसी भी स्तर पर अवैधता साबित हो जाती है, तो पूरी प्रक्रिया को रद्द किया जा सकता है.

Deepak Verma is a journalist currently employed as Deputy News Editor in News18 Hindi (Digital). Born and brought up in Lucknow, Deepak’s journey began with print media and soon transitioned towards digital. He…और पढ़ें
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