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Jodhpur Famous Street Food: जोधपुर का मिर्ची वड़ा सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि शहर की पहचान है. सालों से इसका चटपटा स्वाद एक-सा बना हुआ है. महंगाई में दाम जरूर 20 से 25 रुपये तक पहुंचे, मगर कुरकुरी परत, मसालेदार आलू और तीखी मिर्च का मज़ा कम नहीं हुआ. नई सड़क, जालौरी गेट और घंटाघर की दुकानों पर सुबह-सुबह भीड़ उमड़ती है. ग्रामीणों के लिए यह दिनभर की ऊर्जा है, और विदेशी सैलानी भी इेस बेहद पसंद करते हैं.
जोधपुर का स्वाद मिर्ची वड़े के बिना अधूरा है. पत्थरों और मिठाइयों के लिए मशहूर जोधपुर अपने तीखे और लाजवाब मथानिया की फेमस मिर्ची के साथ मिर्ची वड़ों के लिए भी जाना जाता है. आलू-मसाले से भरी बड़ी हरी मिर्च को बेसन में तलकर बनने वाला यह स्नैक्स यहां के लोगों की पहली पसंद है, जिसकी लोकप्रियता देश-विदेश तक फैली है.

जोधपुर को लेकर एक मशहूर कहावत है अगर कोई यहां घूमने आए और मिर्ची वड़ा खाए बिना लौट जाए, तो उसकी यात्रा अधूरी मानी जाती है. देसी हो या विदेशी, यहां आने वाला हर सैलानी इस लाजवाब स्नैक्स का स्वाद जरूर चखता है. कई तो इसका तरीका सीखकर अपने साथ ले जाते हैं. बड़े चाव से खाया जाने वाला यह व्यंजन जोधपुरवासियों की मेहमाननवाजी का हिस्सा है, और शहर की हर गली-नुक्कड़ पर इसकी खुशबू महकती मिल जाएगी.

जोधपुर में मिर्ची वड़े का क्रेज इतना है कि शहर में इसकी 900 से ज्यादा दुकानें हैं. इनमें से 50-60 पुरानी और मशहूर दुकानें आज भी अपने परंपरागत स्वाद और जायके के लिए जानी जाती हैं, जहां मिर्ची वड़ा लेने वालों की लंबी कतारें लगना आम बात है. यहां मिर्ची वड़ा सिर्फ एक स्नैक्स नहीं, बल्कि परंपरागत नाश्ता है.

मिर्ची वड़े का एक ही तरह का स्वाद सालों से चला आ रहा है. महंगाई के बावजूद मिर्ची वड़े का स्वाद नहीं बदला है, हां ये महंगा जरूर हुआ है. लेकिन लोगों के दिलों पर मिर्ची बड़ा राज करता है. मानव ने बताया कि 20 से 25 रुपये में मिर्ची वड़ा मिल जाता है. इसको ब्रेड के साथ खाने से पेट भी भर जाता है.

जोधपुर शहर के कई घरों में हर दिन के नाश्ते में भी इसे शामिल किया जाता है. इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग सुबह आते ही नई सड़क, जालौरी गेट व घंटाघर की प्रसिद्ध दुकानों पर मिर्ची वड़े का भोग लगाते हैं. जो उनके पूरे दिन का भोजन होता है. इतना ही नहीं विदेशी पर्यटक भी इसके दिवाने हैं.

जोधपुर के लोगों की मिर्ची वड़े के प्रति ऐसी दीवानगी है कि व्रत के दिन भी इसे खाना नही छोड़ते हैं. अंतर सिर्फ इतना है कि व्रत के दिनों में लोग बेसन की जगह राजगीरा और सिंघाड़े के आटे से मिर्ची बड़ा बनाते हैं. तो आप भी अगर जोधपुर आते हैं तो मिर्ची वड़ा का स्वाद लेना न भूलें.

