पश्चिम चंपारण के 11 विद्यालयों में अब छात्रों को दो पाली में शिक्षा दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने कक्षाओं की कमी और लगातार बढ़ती छात्रों की संख्या को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था के तहत सुबह पहली पाली में कक्षा 1 से 8 और दूसरी पाली में क
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जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस संबंध में सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी किया है। आदेश के मुताबिक,सुबह 6:30 बजे से 11:30 बजे तक पहली पाली चलेगी जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पढ़ाई होगी। वहीं,दूसरी पाली का समय दोपहर 11:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक तय किया गया है,जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई होगी।
दोनों पालियों के लिए बनेगा अलग रूटीन
डीईओ ने निर्देश दिया है कि सभी प्रधानाध्यापक दोनों पालियों के लिए अलग-अलग रूटीन तैयार करें। साथ ही, शिक्षकों की ड्यूटी का विवरण स्पष्ट करते हुए विद्यालय प्रबंध समिति और विद्यालय शिक्षा समिति को सूचना उपलब्ध कराएं। विभाग का मानना है कि इससे एक ही इमारत में बड़ी संख्या में बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से संभव हो सकेगी।
11 विद्यालयों में नई व्यवस्था लागू
जिन 11 विद्यालयों में यह नई व्यवस्था लागू की गई है,उनमें लौरिया का उत्क्रमित हाई स्कूल धमोरा,नरकटियागंज के उत्क्रमित हाई स्कूल कोइरगंवा,नौतनवा,बिनवालिया और बरवा बरौली शामिल हैं। इसके अलावा सिकटा प्रखंड के उत्क्रमित हाई स्कूल झुमका उर्दू,बलथर,मसवास और सुगहा भवानीपुर को भी दो पाली में बांटा गया है।
वहीं बैरिया प्रखंड का उत्क्रमित हाई स्कूल बगही भवानी जी के टोला और मझौलिया का उत्क्रमित हाई स्कूल नानोसती भी इस सूची में हैं।
छात्रों को होगी सुविधा
ग्रामीण क्षेत्रों के इन विद्यालयों में छात्र संख्या लगातार बढ़ने से एक ही समय पर सभी बच्चों को समायोजित करना मुश्किल हो रहा था। शिक्षा विभाग का मानना है कि दो पाली व्यवस्था लागू होने से छात्रों को पर्याप्त जगह मिलेगी और पढ़ाई की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। शिक्षा विभाग की इस पहल से जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण अभिभावकों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि इससे बच्चों को पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा।

