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Bihar Chunav 2025: जन सुराज अभियान के तहत प्रशांत किशोर जमुई पहुंचे, जहां उनका बुलडोजर से फूल बरसाकर स्वागत किया गया. चिराग पासवान के गढ़ में उन्होंने सहारा में डूबे पैसे वापस दिलाने का वादा किया.
चिराग के गढ़ में पीके ने कर दिया बड़ा ऐलान.प्रशांत किशोर लगातार बिहार के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रहे हैं. अपने जन सुराज अभियान के तहत वे मंगलवार को जमुई पहुंचे. जमुई का यह दौरा काफी चर्चा में रहा. प्रशांत किशोर के जमुई पहुंचने पर उनका अनोखे तरीके से स्वागत किया गया. उनके समर्थकों ने बुलडोजर का इस्तेमाल किया. बुलडोजर पर चढ़कर फूलों की बारिश की गई. यह स्वागत इसलिए भी खास था, क्योंकि जमुई को चिराग पासवान का गढ़ माना जाता है. चिराग पासवान पहले यहां से सांसद थे. अब उनके जीजा अरुण भारती यहां के मौजूदा सांसद हैं. इस तरह, प्रशांत किशोर का यहां आना, एक तरह से चिराग पासवान को सीधी चुनौती देने जैसा है.
चिराग के गढ़ में पीके की एंट्री!
लोगों के दिलाएंगे साहारा से डूबे पैसे!
प्रशांत किशोर पहले भी यह बात कह चुके हैं. उन्होंने कहा है कि अगर जन सुराज की सरकार बनती है, तो सरकार के दरवाजे जनता के लिए खोल दिए जाएंगे. इसका मतलब है कि जनता को अपनी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार खुद जनता तक पहुंचेगी. यह एक ऐसा वादा है, जो मौजूदा राजनीति से बिल्कुल अलग है.
बिहार में पीके ने शुरू की नई पॉलिटिक्स?
जमुई में किए गए वादे प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति का एक अहम हिस्सा हैं. वे जानते हैं कि बिहार में सहारा का मुद्दा बहुत बड़ा है. लाखों परिवार इस घोटाले से प्रभावित हैं. सहारा के पैसे वापस दिलाने का वादा करके, वे इन सभी परिवारों का समर्थन जीत सकते हैं. यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसे अन्य राजनीतिक पार्टियां अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं. ऐसे में बिहार में आगामी चुनाव बहुत दिलचस्प होने वाला है. प्रशांत किशोर की जन सुराज का महागठबंधन और एनडीए से मुकाबाल देखने लायक होगा.

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें

