Wednesday, June 3, 2026
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ट्रंप की दादागिरी पर अमेरिका को झटका! अरबों डॉलर के निवेश से धोना पड़ सकता है हाथ


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America vs South Korea : दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति ने अमेरिकी अधिकारियों की कार्रवाई की आलोचना की है. उन्‍होंने कहा है कि अगर अमेरिका ने वीजा नियमों में बदलाव नहीं किया तो कोरियाई कंपनियां वहां निवेश करने से…और पढ़ें

ट्रंप की दादागिरी पर अमेरिका को झटका! अरबों डॉलर के निवेश से धोना पड़ेगा हाथट्रंप ने वीजा नियमों को काफभ्‍ सख्‍त बना दिया है.
नई दिल्‍ली. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की दादागिरकी का खामियाजा उन्‍हीं के देश को भुगतना पड़ सकता है. जबसे ट्रंप ने सत्‍ता संभाली है, उनका पूरा जोर सिर्फ अमेरिका केंद्रित नीतियों पर है. यही वजह है कि उन्‍होंने वीजा नियमों को काफी सख्‍त बना दिया है. इसकी आंच अमेरिका के दोस्‍त देशों तक भी पहुंच रही है. पिछले दिनों अमेरिका में दक्षिण कोरियाई कंपनियों पर कार्रवाई की गई थी और करीब 300 कोरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था. इस पर कोरिया के राष्‍ट्रपति ने अब अपनी प्रतिक्रिया दी है.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति लीजे म्यांग ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर अमेरिका कोरियाई कामगारों के लिए अपनी वीजा प्रणाली में सुधार नहीं करता है, तो दक्षिण कोरियाई कंपनियां संभवतः अमेरिका में बने रहने या सीधे निवेश करने में हिचकिचाएंगी. उनके बयान का सीधा मतलब है कि कोरियाई कंपनियों का निवेश अब अमेरिका में कम हो सकता है. अमेरिका की नई आव्रजन नीति की वजह से कोरिया के नागरिकों को वहां काम मिलने में भी दिक्‍कत आ रही है.

अमेरिकी छापे से नाराज कोरिया के राष्‍ट्रपति
अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ली ने अमेरिकी वीजा प्रणाली में सुधार की मांग की. उन्होंने जॉर्जिया में चार सितंबर को हुए आव्रजन छापे के बारे में भी बात की, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिकी शहर में कोरियाई ऑटो कंपनी ह्यूंडई के विशाल वाहन संयंत्र में निर्माणाधीन बैटरी कारखाने में 300 से ज्यादा दक्षिण कोरियाई कामगारों को गिरफ्तार किया गया था.

चार्टर विमान से स्‍वदेश लाने की तैयारी
कोरियाई राष्‍ट्रपति ने कहा कि उनके नागरिकों को वापस अपने देश लाने की तैयारियां चल रही हैं. इसके लिए अमेरिका से बातचीत जारी है और शुक्रवार को चार्टर विमान से सभी नागरिकों को वापस लाया जाएगा. गौरतलब है कि जॉर्जिया में बड़े पैमाने पर हुई इस छापेमारी और अमेरिकी अधिकारियों द्वारा कुछ कामगारों को जंजीरों से जकड़कर ले जाते हुए दिखाने वाले वीडियो जारी करने से दक्षिण कोरिया में व्यापक गुस्सा है. दक्षिण कोरिया को अमेरिका का करीबी देश माना जाता है, लेकिन ट्रंप के शासनकाल में इसमें दिक्‍कतें आनी शुरू हो गई हैं.

जुलाई में हुआ था दोनों में समझौता
यह छापा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ली के बीच हुए शिखर सम्मेलन के दो सप्ताह से भी कम समय में ही पड़ा है. इसी साल जुलाई में दोनों देशों के बीच हुए एक समझौता हुआ था, जिसने दक्षिण कोरिया को ट्रंप प्रशासन के सबसे ज्यादा शुल्क से बचा लिया था. हालांकि, दक्षिण कोरिया द्वारा 350 अरब डॉलर के नए अमेरिकी निवेश का वादा करने के बाद ही ऐसा हुआ था. ली की उदारवादी डेमोक्रेटिक पार्टी और विपक्षी दल, दोनों के सांसदों ने हिरासत को अपमानजनक और कठोर बताया है. दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े अखबार ने इस छापे की तुलना अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों द्वारा व्हाइट हाउस के कथित प्रतिदिन 3,000 गिरफ्तारियों के लक्ष्य को पूरा करने से की है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

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