Thursday, April 16, 2026
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जब इंदिरा हुईं अरेस्‍ट, कैद में गुजारे 16 घंटे, करने लगीं हथकड़ी लगाने की जिद


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3rd October & Arrest of Indira Gandhi: करीब 48 साल पहले आज की ही तारीख में इंदिरा गांधी को सीबीआई ने अरेस्‍ट किया था. क्‍या थी उनकी गिरफ्तारी की वजह और इसके बाद क्‍या था देश का सियासी माहौल, जानने के लिए पढ़ें आगे…

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3rd October & Arrest of Indira Gandhi: यह वाकया आज से ठीक 48 साल पहले यानी 3 अक्‍टूबर 1977 का है. आज के ही दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था. इस गिरफ्तारी भारतीय राजनीति का वो पल था, जिसने सत्ता और विपक्ष दोनों की कहानी बदल दी थी. दरअसल, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की यह गिरफ्तारी भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत की गई थी.

उन पर आरोप था कि 1977 के लोकसभा चुनाव के दौरान रायबरेली में 100 से ज्यादा जीपें खरीदी गई थीं और उनका भुगतान कांग्रेस पार्टी की बजाय उद्योगपतियों ने किया था. इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर सरकारी रुपयों के इस्तेमाल का भी शक जताया गया था. उस समय केंद्र में प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नेतृत्‍व में जनता पार्टी की सरकार थी और गृहमंत्री चौधरी चरण सिंह हुआ करते थे.

कहा जाता है कि इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी की तारीख को लेकर लंबी माथापच्ची हुई थी. आखिरकार 3 अक्टूबर को सीबीआई ने एफआईआर की कॉपी थमाकर इंदिरा गांधी को गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहले फरीदाबाद के बड़कल लेक गेस्ट हाउस ले जाया गया, और फिर वहां से दिल्‍ली के किंग्सवे कैंप ले जाया गया. बताया यह भी जाता है कि इंदिरा गांधी ने खुद इस गिरफ्तारी को एक पॉलिटिकल इवेंट में बदलने की कोशिश भी की.

इंदिरा ने की हथकड़ी पहचानने की डिमांड
गिरफ्तारी डिमांड की कि उन्हें हथकड़ी पहनाई जाए, ताकि जनता के बीच अपने लिए सिंपैथी की लहर पैदा कर सकें. 4 अक्टूबर की सुबह उन्हें कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. वहां सबसे बड़ा ड्रामा हुआ. अदालत में सीबीआई कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई. मजिस्ट्रेट ने साफ शब्दों में कहा कि गिरफ्तारी बिना पुख्ता आधार के की गई है. ये सुनकर अदालत में मौजूद हर कोई हैरान रह गया और इंदिरा गांधी को महज 16 घंटे बाद रिहाई मिल गई.

जनता पार्टी के लिए बना ‘ऑपरेशन ब्‍लंडर’
इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी से रिहाई तक के इस एपिसोड को लोग ‘ऑपरेशन ब्लंडर’ के तौर पर जानते हैं. दरअसल, इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी से जनता में उनके लिए सहानुभूति की लहर उठी. लोगों को लगा कि उन पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की गई है. यही सहानुभूति आगे चलकर इंदिरा गांधी की 1980 की जबरदस्त वापसी की ताकत बनी. वहीं, यह गिरफ्तारी जनता पार्टी सरकार की सबसे बड़ी चूक साबित हुई. इंदिरा गांधी ने इसे ‘आपदा में अवसर’ बना दिया.

इंदिरा गांधी की फिर हुई सत्‍ता में वापसी
25 जून 1975 को देश में इमरजेंसी लागू होने के बाद देश में इंदिरा गांधी और उनके नेतृत्‍व वाली कांग्रेस पार्टी के खिलाफ देश में जमकर गुस्‍सा था. 1 साल 8 महीने 24 दिन की इस इमरजेंसी के बाद 1977 के लोकसभा चुनाव में जनता ने इंदिरा गांधी को सत्‍ता से बेदखल कर दिया. हार से महज छह महीने बात हुई घटना ने इंदिरा के प्रति लोगों के रुझान को बदल दिया. महज तीन साल बाद इंदिरा गांधी जनता की भारी वोटों से दोबारा प्रधानमंत्री बन गईं.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें

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