Monday, June 1, 2026
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इंडिगो की 200 फ्लाइटें रद्द, कई एयरपोर्ट पर अफरातफरी- कंपनी ने बताई वजह


Delhi Airport Indigo Flight Cancellation: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की फ्लाइट की स्थिति मंगलवार और बुधवार को काफी खराब रही. इंडिगो की उड़ान में ऐसी अव्यवस्था देखी गई, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. मंगलवार को एयरलाइन की समयपालन दर (OTP) सिर्फ 35% तक गिर गई. इसका मतलब है कि 2,200 से अधिक दैनिक उड़ानों में से लगभग 1,400 फ्लाइटें देरी से चलीं. बुधवार को हालात इतने बिगड़ गए कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर 200 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल करनी पड़ीं. इस स्थिति पर कंपनी एक बयान जारी कर सफाई दी है.

यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लंबी कतारों, घंटे भर की देरी और अचानक फ्लाइट कैंसिल होने की शिकायतें शेयर कीं. कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें एयरपोर्ट पहुंचने से ठीक पहले फ्लाइट के बारे में अपडेट मिला. इससे उनकी प्लानिंग पूरी तरह बिगड़ गई. दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर तो स्थिति सबसे खराब रही जहां सिर्फ एक दिन के भीतर 38 उड़ानें रद्द हो गईं.

क्यों हुआ ऐसा?

इंडिगो की ओर से जारी शुरुआती बयान में देरी के पीछे कई कारण बताए गए. बयान में मौसम, भीड़, तकनीकी दिक्कतें और सर्दियों में बढ़ा कंजेशन को जिम्मेदार बताया गया. लेकिन असल वजह उससे कहीं ज्यादा बड़ी थी. क्रू की भारी कमी, जो नए लागू हुए FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियमों के कारण पैदा हुई.

दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की 38 फ्लाइट्स रद्द हुईं. (फाइल फोटो)

FDTL क्या है और इससे संकट क्यों आया?

DGCA ने थकान रोकने के लिए क्रू को बेहतर आराम देने के नियम लागू किए हैं. इसके तहत-

  • रोज 8 घंटे,
  • हफ्ते में 35 घंटे,
  • महीने में 125 घंटे,
  • साल में 1,000 घंटे,

से अधिक उड़ान नहीं भरी जा सकती और हर 24 घंटे में कम से कम 10 घंटे अनिवार्य आराम देना जरूरी है.

इंडिगो ने कहा कि इतने बड़े नेटवर्क 2,200+ उड़ानों को रातों-रात इन नए नियमों के अनुसार एडजस्ट करना कठिन रहा. इसके कारण क्रू की उपलब्धता कम पड़ गई.

कैसे बिगड़ी स्थिति?

1. हजारों यात्रियों पर सीधा असर

फ्लाइट्स की देरी कई जगह 8–8 घंटे तक पहुंच गई. कई उड़ानों को आखिरी समय में रद्द किया गया.

2. क्रू मैनेजमेंट बुरी तरह प्रभावित

नई रोस्टरिंग से दर्जनों उड़ानों के लिए पायलट और केबिन क्रू उपलब्ध नहीं मिला, जिसके कारण विमान खड़े रह गए.

3. सिस्टम स्लोडाउन ने परेशानी बढ़ाई

दिल्ली में चेक-इन और बोर्डिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला अमेडस सिस्टम स्लो होने लगा. इससे प्रक्रिया और धीमी हो गई.

4. रिपल इफेक्ट

विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी देरी का असर सिर्फ एक दिन तक नहीं रहता. यह पूरे नेटवर्क को अगले 24-48 घंटों तक प्रभावित करता है.

इंडियो और एयर इंडिया की सेवाओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है.
भारत में घरेलू हवाई यात्रा में इंडिगो की हिस्सेदारी 60% से अधिक है.

क्या हुआ-एयरपोर्ट पर हालात कैसे थे?

दिल्ली एयरपोर्ट:

  • रात 12 बजे से अब तक 38 उड़ानें रद्द
  • लंबी कतारें, धीमा चेक-इन
  • यात्रियों में भारी नाराजगी

हैदराबाद एयरपोर्ट:

  • सुबह से भीड़
  • 33 उड़ानें रद्द
  • कई यात्रियों ने मीटिंग और कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की शिकायत की.

बेंगलुरु एयरपोर्ट:

कुल 42 उड़ानें रद्द, 22 आगमन, 20 प्रस्थान.

कई शहरों से आने वाली सेवाएं बाधित.

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इंडिगो ने कहा कि इतने बड़े नेटवर्क 2,200+ उड़ानों को रातों-रात इन नए नियमों के अनुसार एडजस्ट करना कठिन रहा.

कंपनी ने क्या कहा?

इंडिगो ने कहा-

हम स्वीकार करते हैं कि पिछले दो दिनों में हमारे नेटवर्क पर परिचालन में बड़ी दिक्कतें आई है. तकनीकी दिक्कतों, सर्दियों के शेड्यूल, बढ़े कंजेशन और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों के कारण यह असर पड़ा है. एयरलाइन ने आगे कहा कि अगले 48 घंटे में कैलिब्रेटेड एडजस्टमेंट कर सिस्टम को सामान्य किया जाएगा.

यात्रियों को क्या मिलेगा?

इंडिगो ने कहा कि-

  • प्रभावित यात्रियों को दूसरी फ्लाइट.
  • या पूरा रिफंड.
  • और एयरपोर्ट जाने से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है.

फ्लाइट स्टेटस चेक करने का ऑफिशियल लिंक

www.goindigo.in/check-flight-status.html

क्यों यह संकट बड़ा है?

भारत में घरेलू हवाई यात्रा में इंडिगो की हिस्सेदारी 60% से अधिक है. जब इतनी बड़ी एयरलाइन की 200 फ्लाइटें प्रभावित होती हैं, तो इसका असर बाकी सभी एयरलाइंस, एयरपोर्ट और यात्रियों पर भी पड़ता है. विशेषज्ञ कहते हैं यह भारत की एविएशन इंडस्ट्री के लिए स्ट्रेस टेस्ट जैसा है. इसमें स्टाफिंग, टेक्नोलॉजी और रोस्टरिंग सिस्टम की कमियां एक साथ सामने आईं.



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